विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को दिखाया आईना, खुद बनाया क्षतिग्रस्‍त पैदल मार्ग

By sunil negiEdited By:
Updated: Mon, 11 Jul 2016 03:30 PM (IST)

चमोली जनपद के गोपेश्‍वर क्षेत्र में ग्रामीणों ने प्रशासन को आईना दिखाया है। आपदा में क्षतिग्रस्‍त पैदल मार्ग को ग्रामीणों ने खुद ठीक कर दिखाया।

News Article Hero Image

गोपेश्वर, [जेएनएन]: चमोली जिले में आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत के लिए प्रशासन व विभागों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कुछ हासिल नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने खुद ही मार्ग की मरम्मत शुरू कर दी।
चमोली जिले में बारिश का सिलसिला जारी है। भारी बारिश के कारण जिले में 200 से अधिक पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इन पैदल मार्गों पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। पैदल मार्गों की मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने लगातार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन चमोली जिले के दशोली ब्लॉक के मेड ठेली गांव के ग्रामीणों की सोच अलग है।

पढ़ें:-जब इस दीवार ने रोक दी ट्रेन, तब जाकर पता चला इसका रोचक इतिहास
असल में एक जुलाई को बारिश के बाद इन गांवों को जाने वाला एकमात्र पैदल मार्ग 10 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। पहाड़ी वाले क्षेत्र में कुछ स्थानों पर तो पैदल मार्ग इतना खतरनाक बना हुआ है कि अगर ग्रामीण जरा भी चूके तो उनकी मौत निश्चित है। चार खतरनाक स्थानों पर ग्रामीणों ने पैदल मार्ग का निर्माण भी पूरा कर दिया है। ग्रामीणों ने पैदल मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया है।
पढ़ें-केदारनाथ मंदिर इतने सौ सालों तक दबा रहा बर्फ के अंदर, जानने के लिए पढ़ें.
ग्रामीणों ने श्रमदान कर क्षतिग्रस्त तीन पेयजल योजनाओ की मरम्मत कर घर-घर तक पानी भी पहुंचाया। मेड ठेली के ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि पहले भी आपदाएं आई और परिसंपतियों को नुकसान हुआ। तब भी ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने समस्याएं रखी, लेकिन प्रशासन स्तर से समस्या के समाधान में हर बार देरी होती रही। लिहाजा ग्रामीणों ने आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन व पैदल मार्ग की मरम्मत खुद ही कर दी।

पढ़ें:-चिता को मुखाग्नी देकर बेटी ने की मां की अंतिम इच्छा पूरी