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    चमोली के किमाणा गांव में भूस्खलन का कहर, 20 परिवारों पर मंडराया खतरा

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 10:08 PM (GMT+05:30)

    चमोली के किमाणा गांव में लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे लगभग 20 परिवार संकट में हैं और खेत-खलिहानों को भारी नुकसान हुआ है। ...और पढ़ें

    ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में भूस्खलन से खतरे की जद में आए आवासीय भवन। जागरण

    ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में भूस्खलन से खतरे की जद में आए आवासीय भवन। जागरण 

    HighLights

    1. किमाणा गांव में लगातार वर्षा से भूस्खलन का खतरा

    2. लगभग 20 परिवार संकट में, खेत-खलिहानों को नुकसान

    3. एसडीएम ने राजस्व टीम को मौके पर भेजा

    संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव में लगातार हो रही वर्षा ने भूस्खलन का खतरा उत्पन्न कर दिया है।

    इस भूस्खलन के कारण लगभग 20 परिवार संकट में हैं। गांव के ऊपर से शुरू हुआ भूस्खलन अब विकराल रूप ले चुका है, जिससे खेत-खलिहानों और नगदी फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है।

    ग्राम प्रधान शशि देवी ने उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को पत्र भेजकर गांव में हुए नुकसान की जानकारी दी है। उन्होंने तत्काल स्थलीय निरीक्षण और आवश्यक सुरक्षा उपायों की मांग की है।

    शशि देवी ने बताया कि बीती रात हुई भारी वर्षा के बाद पहाड़ी से मलबा गांव की ओर आ गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अब ग्रामीण हल्की वर्षा में भी सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

    ग्राम प्रधान ने कहा कि बीती रात अचानक भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गांव के बीचों-बीच आ गए, जिससे आवासीय भवनों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

    यदि समय पर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो गांव पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।

    सूचना के बाद एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

    टीम ने प्रभावित कमेड़ा गांव पहुंचकर भूस्खलन से हुए क्षति के नुकसान का आकलन किया।

    सात ग्रामीण लिंक मार्ग बंद

    चमोली जिले में आए दिन रात में हो रही वर्षा के चलते गांवों की लाइफ लाइन कही जाने वाली सड़कें बाधित होने से ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    हालांकि गुरुवार को बदरीनाथ हाईवे दिनभर सुचारु रहने से तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

    रात को हुई वर्षा से जिले में तड़के से 15 ग्रामीण लिंक मार्ग बंद थे। शाम तक आठ ग्रामीण लिंक मार्ग को यातायात के लिए सुचारु कर दिया, जबकि अभी भी सात ग्रामीण लिंक मार्ग बंद हैं।

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