चमोली हादसा: सात जिंदगियां खत्म, तीन की राह देख रहा परिवार; मृतकों को चार लाख देगी धामी सरकार
चमोली में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन से सात शव बरामद हुए हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं।

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। Chamoli Tunnel Landslide: उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार की शाम भारी भूस्खलन हो गया।
हादसे में सात शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन लोग अब भी सुरंग में लापता है। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को तड़के ही राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
मौके पर जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आइटीबीपी व सेना समेत अन्य टीम मौजूद हैं।
टनल के अंदर पहुंचे सीएम धामी
वहीं आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपल कोटी पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लेने टनल के अंदर पहुंचे।

सीएम धामी ने टीएचडीसी के अधिकारियों से टनल हादसे को लेकर जानकारी ली। राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा भी की।

इसके बाद सीएम धामी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात उनका हाल जाना। इस दौरान सीएम धामी ने हादसे में मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपए देने की घोषणा की।

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सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का कार्य चल रहा था। इस दौरान अंदर जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ भारी मलबा सुरंग में भरने लगा। घटना गुरुवार शाम पौन सात बजे के आसपास हुई।

इस दौरान 28 श्रमिक सुरंग में काम कर रहे थे। ज्यादातर श्रमिक बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ के हैं। इनमें से छह श्रमिक हादसे के दौरान राहत-बचाव कार्य में जुट गए थे। जबकि सात लोगों के शव निकल लिए गए। तीन लोग अब भी लापता हैं। और अन्य 12 श्रमिक घायल हुए हैं।

