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बागेश्वर में स्टोर रूम में घुसा गुलदार, कुत्ते को मारकर वहीं डाला डेरा

Published: Fri, 23 Oct 2026 08:07 AM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 04:08 PM (IST)

बागेश्वर के गवाटा गांव में एक गुलदार स्टोर रूम में घुस गया और कुत्ते को मार डाला, जिससे ग्रामीण दहशत ...और पढ़ें

HighLights

  1. गुलदार ने बागेश्वर के गवाटा गांव में स्टोर रूम में प्रवेश किया

  2. स्टोर रूम में बंद कुत्ते को गुलदार ने मार डाला

  3. वन विभाग की रेस्क्यू टीम की देरी से ग्रामीण आक्रोशित

जागरण संवाददाता, बागेश्वर । थकलाड़ गांव के गवांटा तोक में कुत्ते का शिकार करने के बाद एक गुलदार घर के स्टोर रूम में छिप गया। बाहर से दरवाजा बंद होने के कारण वह रातभर कमरे में ही कैद रहा। वन विभाग की टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे उसे ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। गुलदार को बेहोश करने के लिए दूसरी टीम और अधिक क्षमता वाली ट्रैंकुलाइजर गन बुलानी पड़ी।

घटना गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। ग्रामीण मोहन सिंह रावत के अनुसार, उनकी पत्नी बिमला देवी अपने कुत्ते को बाहर लेकर आई थीं। इसी दौरान पास में मौजूद गुलदार खुले स्टोर रूम में घुस गया। महिला ने कुत्ते को कमरे में बांधा और बाहर से ताला लगाकर सोने चली गईं। उन्हें पता नहीं था कि गुलदार कमरे के भीतर छिपा है।

रात करीब 11 बजे स्टोर रूम से कुत्ते के भौंकने और गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। स्वजन जागे तो देखा कि गुलदार कुत्ते का शिकार कर चुका था। वह लोहे की जाली वाला दरवाजा खींच रहा था और जोर-जोर से दहाड़ रहा था। कमरे में अनाज के बक्से और ड्रम रखे थे, जिनके पीछे गुलदार छिप गया। कमरे के पीछे खिड़की नहीं होने से उसे बाहर निकालना मुश्किल था।

रात दो बजे मिली सूचना, सुबह तक चला रेस्क्यू

बिमला देवी के पुत्र कबिंद्र रावत का दूसरा घर घटनास्थल से करीब तीन किमी दूर रवाईखाल में है। सूचना मिलने पर वह साथियों के साथ गांव पहुंचे और वन विभाग को जानकारी दी। बैजनाथ रेंज से रात करीब दो बजे संपर्क हुआ। तड़के तीन बजे करीब 10 सदस्यीय टीम गांव पहुंची। शुरुआती प्रयासों में गुलदार को बेहोश नहीं किया जा सका। बाद में दूसरी टीम और अधिक क्षमता वाली ट्रैंकुलाइजर गन की मदद से उसे बेहोश किया गया। इसके बाद पिंजरे में रखकर सुरक्षित ले जाया गया।


मोहन सिंह रावत ने बताया कि गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे भी गुलदार गांव के आसपास दिखाई दिया था। महिलाओं ने उसे देखकर जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया था। पिछले सप्ताह भी गुलदार ने गांव में मेहरबान सिंह रावत के कुत्ते को मार दिया था। करीब 20 परिवारों और 100 की आबादी वाले गवांटा तोक में गुलदार की सक्रियता से लंबे समय से दहशत है।

प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि गुलदार का रेस्क्यू कर लिया गया है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पशु चिकित्साधिकारी से उसकी जांच कराई जा रही है। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास या रेस्क्यू सेंटर में छोड़ने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।