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    हवा में उड़ने वाली कार का टेस्ट सफल, अब 5 घंटे लगातार उड़ाने की क्षमता विकसित करेंगे उत्तराखंड के रवि टम्टा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 09:37 PM (IST)

    नवाचारी रवि टम्टा ने अल्मोड़ा में अपने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) वाहन के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण किया है। ...और पढ़ें

    अल्माेड़ा के एचएनबी खेल स्टेडियम में अपने हवा में उड़ने वाले वाहन के साथ रवि टम्टा

    अल्माेड़ा के एचएनबी खेल स्टेडियम में अपने हवा में उड़ने वाले वाहन के साथ रवि टम्टा

    HighLights

    1. नवाचारी रवि टम्टा ने eVTOL प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण किया।

    2. लक्ष्य है पांच घंटे लगातार उड़ने वाला पैराशूट युक्त वाहन।

    3. यह भारत का पहला बिजली से उड़ने वाला वाहन है।

    जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। नवाचारी रवि टम्टा ने बताया कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक ऑफ एंड लैंडिंग (इवीटीओएल) यानि उड़ने वाला वाहन के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर लिया है। जल्द ही वह लगातार पांच घंटे तक चलने वाला विद्युत चालित इवीटीओएल बनाएंगे। जिसमें पैराशूट भी होगा अगर कोई खतरा हुआ तो पायलट एक बटन से वह सुरक्षित लैंडिंग कर सकता है। हवा में उड़ने वाली कार और इसमें सिर्फ एक अंतर है कि यह सड़कों में नहीं चल सकती है।

    हेमवती नंदन बहुगुणा खेल स्टेडियम में दैनिक जागरण से वार्ता करते हुए हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि टम्टा ने बताया कि अभी इस तरह का बिजली से हवा में उड़ने वाली कार भारत ने किसी ने नहीं बनाई है।

    सरकार से नहीं मिली कोई मदद

    पहली बार इसका यहां पर सफल परीक्षण किया है। पायलट सहित इसका वजन दो क्विंटल हो जाता है। इसमें पायलट के बैठने के लिए कॉकपिट बना है। इसके अलावा चार प्रोपेलर इसको हवा में उड़ाने और संतुलन बनाने के लिए लगाए गए हैं। इसकाे बनाने में लाखों खर्च हुए हैं, विस्तृत ब्योरा जल्द ही जनता के सामने रखेंगे।

    इस कार्य के लिए सरकार से किसी प्रकार का अनुदान व मदद नहीं मिली है। इवीटीओएल में मौसम के पूर्वानुमान आदि के लिए भी प्रोगामिंग किया गया है। पूरा यंत्र कार्बन फाइबर का बना हुआ है।

    कई चीझों में काम आएगा वाहन 

    नवाचारी रवि टम्टा ने कहा कि अभी इसकी तकनीक के बारे में जानकारी नहीं दे सकते हैं। अगर यह बात बाहर आ गई तो पेटेंट कराने में दिक्कत हो सकती है। पेटेंट के बाद पूरी जानकारी देंगे। यह मान लीजिए की भारत में यह परीक्षण किसी ने अभी तक नहीं किया है।

    विदेशों में दो जगह पर यह इवीटीओएल सफल तरीके से बनाए गए है और परीक्षण भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि अभी यह प्रोटोटाइप है। आने वाले समय में इसको और आधुनिक बनाना है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को सुलभ परिवहन दिलाना है। इसके अलावा इसके कई और उपयोग भी हो सकते है खासकर आपदा के समय में।

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