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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साधारण से परिवार में जन्‍मी पूजा का कारनामा असाधारण

By gaurav kalaEdited By:
Updated: Wed, 13 Jul 2016 08:45 AM (IST)

पूजा में एवरेस्ट फतह करने का ऐसा जूनून था कि उसने इस वर्ष की इंटरमीडिएट की परीक्षा भी छोड़ दी। पूजा ने उत्तराखंड ही नही पूरे विश्व में विद्यालय को एक नई पहचान दी है।

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अल्मोड़ा, [जेएनएन]: एवरेस्ट फतह करने वाली एनसीसी कैडेट पूजा को उसकी असाधारण कारनामे के लिए सम्मानित किया गया। आज वह परिवार के साथ अपने स्कूल पहुंची। कार्यक्रम को संबोधन के दौरान मुख्य अतिथि डीईओ आकाश सारस्वत ने कहा कि कत्यूर की साधारण सी लड़की पूजा ने साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं।
उन्होंने अन्य बालिकाओं से पूजा से प्रेरणा लेने को कहा। विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रेमा भट्ट ने कहा कि पूजा को एवरेस्ट फतह का ऐसा जूनून था कि उसने इस वर्ष की इंटरमीडिएट की परीक्षा भी छोड़ दी।

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कहा की पूजा ने उत्तराखंड ही नही पूरे विश्व में विद्यालय को एक नई पहचान दी है। विद्यालय की एनसीसी प्रभारी दया रावत ने कहा कि पूजा एवरेस्ट फतह करने वाली उत्तराखंड की पहली महिला एन सी सी कैडेट है। पूजा सभी छात्राओं के लिए आदर्श है।

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इस मौके पर बीईओ चंपा आर्या, पीटीए अध्यक्ष राजेंद्र पाठक, एसएमसी अध्यक्ष भावना जोशी, घनानंद कांडपाल, उमेश जोशी, विशन दत्त पांडे, अशोक धपोला, डॉ प्रतिभा जोशी, रीता फर्सवान, बबीता बिष्ट, आशा वर्मा ने कहा कि पूजा पर सबको नाज है। पूजा ने पूरे कत्यूर को गौरवान्वित किया है।
इस मौक़े पर अभिभावको व शिक्षिकाओं ने पूजा समेत एनसीसी प्रभारी दया रावत, पूजा की माता गीता मेहरा व पिता चंदन मेहरा को शॉल ओढ़ाकर व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

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