महिला शौचालय पर आवाज उठाने वाली उत्तराखंड की जेन-जी को मिल रही धमकियां, किया जा रहा बदनाम
अल्मोड़ा के सोमेश्वर में सार्वजनिक महिला शौचालय का मुद्दा उठाने वाली नेहा खर्कवाल को धमकियां मिल रही हैं।
HighLights
नेहा खर्कवाल को महिला शौचालय मुद्दे पर मिल रही धमकियां
सवाल को राजनीतिक रंग देने का आरोप, बदनाम करने की कोशिश
महिलाओं की बुनियादी सुविधा और सम्मान का मुद्दा बताया
जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। सोमेश्वर में सार्वजनिक महिला शौचालय का मुद्दा बनाकर चर्चा में आई जेन-जी नेहा खर्कवाल को धमकी मिलने लगी है। उनका कहना है कि अब उनके सवाल को राजनीतिक रंग देकर उन्हें बदनाम करने मुकदमा दर्ज करने और धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उनका सवाल सिर्फ महिलाओं की बुनियादी सुविधा और सम्मान से जुड़ा था।
जेन-जी नेहा खर्कवाल ने बताया कि बीते दिनों उनकी साथी को माहवारी के दौरान शौचालय की जरूरत पड़ी। सोमेश्वर क्षेत्र में उसे जरूरी सुविधा नहीं मिल सकी। इससे वह बेहद परेशान और दुखी हुई। इसी अनुभव के बाद उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर महिला शौचालय की व्यवस्था को लेकर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से क्षेत्र में महिला शौचालय बनाने की पहल की जानकारी मिली तो उन्होंने सरकार का धन्यवाद भी किया था। इसके बावजूद अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
नेहा ने कहा कि आज सोमेश्वर क्षेत्र में मौजूद शौचालय की साफ-सफाई, चमक-दमक और कर्मचारियों की मौजूदगी दिखाई जा रही है। लेकिन क्षेत्र की महिलाएं जानती है कि वह इस शौचालय का नियमित कितना इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह धमकियों से वह डरने वाली नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो वह धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। असल में यह क्षेत्र बाल विकास मंत्री रेखा आर्या की विधानसभा है। उनके क्षेत्र में महिला शौचालय ना होना उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
