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अल्मोड़ा छात्रसंघ चुनाव: रिकाउंटिंग के बाद हार से भड़के छात्र, जांच समिति के गठन पर 23 घंटे बाद थमा छात्र आक्रोश

Published: Wed, 30 Sep 2026 11:48 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 30 Sep 2026 04:32 PM (GMT+05:30)

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में छात्रसंघ चुनाव के उपाध्यक्ष पद के नतीजों को लेकर विवाद गहरा ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी, जागरण. अल्मोड़ा। एक मत से पहले जीत फिर रिकाउंटिंग में एक मत ने मुकाबला बराबरी पर पहुंचाया और लाटरी ने जीत-हार का फैसला कर दिया। इसके बाद एसएसजे परिसर में शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था।

उपाध्यक्ष पद पर लाटरी से सुमित जोशी के विजयी घोषित होने के बाद शुरू हुआ छात्र आक्रोश करीब 23 घंटे तक परिसर में गूंजता रहा। परिणाम से असंतुष्ट येलो आर्मी के समर्थक रातभर धरने पर बैठे रहे। बुधवार को मामला और गरमा गया और पूर्व में सह सचिव रहे दीपक तिवारी आमरण अनशन पर बैठ गए।

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आक्रोशित छात्रों ने कुलपति का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। लगातार बढ़ते दबाव के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे प्रकरण की जांच का निर्णय लिया। जांच के भरोसे के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

मंगलवार को एसएसजे परिसर में छात्रसंघ के लिए मतदान हुआ। शाम को परिणाम घोषित किए गए। छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद का तीन प्रत्याशियों और दो एक ही नाम के प्रत्याशियों के मैदान पर होने से मुकाबला शुरुआत से ही रोमांचक रहा।

मतगणना पूरी होने पर एक मत से भाष्कर जोशी को विजयी घोषित कर दिया गया। लेकिन जैसे ही परिणाम सामने आए छात्रों का आक्रोश भड़क गया। सुमित जोशी के समर्थक रिकाउंटिंग की मांग पर अड़ गए। बाद में रिकाउंटिंग ने फिर मामला उलझा दिया, दोनों प्रत्याशियों को समान मत प्राप्त हुए।

एक मत के अंतर से परिणाम तय होने की उम्मीद के बीच बराबरी आने पर चुनाव प्रक्रिया के अनुसार लाटरी कराई गई। इसमें सुमित के नाम का पर्चा निकलने के बाद उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।

लाटरी का परिणाम सामने आते ही येलो आर्मी के समर्थकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया और मतगणना को लेकर सवाल उठाते हुए पुनर्गणना की मांग की। रात में भी बड़ी संख्या में समर्थक परिसर में डटे रहे और धरना शुरू कर दिया।

सह सचिव रहे दीपक आमरण अनशन पर बैठ गए

रात भर धरने में बैठे छात्रों का बुधवार को विरोध और तेज हो गया। सह सचिव रहे दीपक तिवारी आमरण अनशन पर बैठ गए। जबकि बाद में आक्रोशित छात्र एसएसजे विवि के प्रशासनिक भवन पहुंच गए। पुलिस और जिला प्रशासन के साथ ही कालेज प्रशासन के बीच लंबी वार्ता हुई।

बाद में प्रशासन ने चार सदस्यीय समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। समिति चुनाव प्रक्रिया, मतगणना और लाटरी से परिणाम घोषित किए जाने से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।

वहीं आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता तिवारी को कुलानुशासक डा. धनी आर्या ने जूस पिलाकर आंदोलन खत्म कराया। हालांकि स्वास्थ्य में गिरावट के चलते दीपक को बाद में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

23 घंटे में ऐसे बढ़ता गया विवाद

मंगलवार साढ़े पांच बजे परिणाम घोषित, फिर रिकाउंटिंग, लाटरी से परिणाम, विरोध शुरू, रातभर धरना, पुनर्गणना की मांग, बुधवार को आमरण अनशन, तीन बजे चार सदस्यीय जांच समिति और आंदोलन समाप्त।

अब समिति की रिपोर्ट पर नजर

चार सदस्यीय समिति की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों पर अब सभी की नजर है। समिति चुनाव प्रक्रिया और उपाध्यक्ष पद के परिणाम से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल करेगी। इसके बाद रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी।

ये सदस्य हैं शामिल

प्रो. जगत सिंह बिष्ट अध्यक्ष। इसके अलावा चामू सिंह घस्याल अधिवक्ता और प्रो. गिरीश चंद्र साह व प्रो. अरशद हुसैन को सदस्य बनाया गया है।

वर्जन

पूरे प्रकरण की जांच को चार सदस्यीय टीम बना दी गई है। टीम पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।

प्रो. प्रवीण बिष्ट, कुलपति एसएसजे विवि