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    वाराणसी में घूसखोरी मामला: 50 हजार घूस मांगने से पहले GST उपायुक्त ने ठीक करवाया था अपना मोबाइल, पूछताछ में खुले कई राज

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:44 AM (IST)

    वाराणसी में जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सतर्कता टीम ने गिरफ्तार किया है। उद्यमी अजय मौर्य की शिकायत पर यह कार्रवाई ...और पढ़ें

    जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह की फाइल फोटो।

    जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह रिश्वत लेते पकड़ी गईं।

    2. उद्यमी अजय मौर्य की शिकायत पर हुई कार्रवाई।

    3. 50 हजार रुपये की घूस मांग रही थीं अंबिका।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। भेलूपुर क्षेत्र के लखरांव बजरडीहा निवासी उद्यमी (निदेशक ब्लैक स्मिथ इन्डस्ट्रीज प्रालि.) अजय मौर्य ने जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह के मन में घूस की भूख को देख विजिलेंस टीम से 50 हजार रुपये घूस लेते पकड़वा दिया।

    दरअसल, वर्ष 2023 से जुड़े जीएसटी रिटर्न संबंधी बीते 21 मार्च को मिले नोटिस के क्रम में अजय ने गत 18 अप्रैल को ही स्पष्टीकरण पोर्टल पर अपलोड किया था, जो तकनीकी कारणों से असफल रहा तो 27 अप्रैल को पूर्ण किया। इसके बावजूद जीएसटी उपायुक्त ने फोन कर बातचीत के लिए बुलाया तो, उनके कहने पर उनका पर्सनल मोबाइल को ठीक करा दिया।

    दूसरी बार नौ जुलाई को बुलाकर फाइल के निस्तारण के लिए 50 हजार रुपये मांगे तो अजय ने सबक सिखाने की ठान ली, जिसका असर रहा कि अंबिका 16 जुलाई को सलाखों के पीछे जा पहुची। सीओ विजिलेंस राजेश कुमार वर्मा ने थाना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी के केस दर्ज कराया है।

    चालाकी नहीं आई काम, लिफाफे पर लगाया रसायन
    घूस के रुपये लेने से पूर्व अंबिका ने चलाकी दिखाई। उसने अजय से कहा कि लिफाफा खरीदकर लाओ, उसी में रखकर नोट देना। अजय लिफाफा खरीदने गया तो इशारों में विजिलेंस टीम ने कहा कि लिफाफा पर रसायन रगड़ दो। अजय लिफाफे मेें रुपये डालकर लौटता उसके पीछे अंबिका बाहर निकल आई थी, लेकिन उन्हें फांसने का चक्रव्यूह तैयार हो चुका था। वह लिफाफा पकड़ी ही थी, कि विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया।

    जांच में शोहरत स्वच्छ लोक सेवक का न मिलने पर बिछा जाल
    50 हजार रुपये घूस मांगने की शिकायत एसपी विजिलेंस ने जांच कराई। गाेपनीय जांच में उनकी आम शोहरत एक स्वच्छ लोक सेवक की नहीं मिली। जिसके बाद शासन से आपरेशन की अनुमति ली गई। विजिलेंस टीम ने खुद से अजय को बुलाया और आपरेशन को अंजाम दिया गया।

    यह था पूरा मामला
    जीएसटी सेक्टर छह की उपायुक्त बी-41 मेहदौरी कालोनी तेलियरगंज प्रयागराज निवासी (मूल निवासी फतेहपुर जनपद अंतर्गत ग्राम लिहई पोस्ट कल्याणपुर कचरौली थाना धाता) अंबिका सिंह ने युवा उद्यमी से 50 हजार रुपये घूस मांगी थी।

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    इसी बात से नाराज उद्यमी ने विजिलेंस में शिकायत की तो आरोपित को 15 जुलाई की शाम घूस लेते गिरफ्तार किया गया। अंबिका सिंह वर्तमान में पान दरीबा स्थित डा. संदीप के मकान में अपनी किशोर उम्र बेटी (दिव्यांग) संग किराए पर रहती हैं।

    जानिए कब-कब क्या हुआ

    • वर्ष 2023 के जीएसटी रिर्टन व आंकड़े से संबंधी नोटिस उद्यमी को बीते 21 मार्च को मिला।
    • बीते 27 अप्रैल को उद्यमी ने स्पष्टीकरण पोर्टल पर अपलोड किया।
    • बीते नौ जुलाई को जीएसटी उपायुक्त ने एक लाख रुपये (बाद में 50 हजार पर फिक्स हुुआ) की डिमांड की।
    • 10 जुलाई को अजय ने विजिलेंस टीम को सूचना दी।
    • 13 जुलाई को शासन कार्रवाई की अनुमति मिली।
    • 15 जुलाई को जीएसटी उपायुक्त की गिरफ्तारी हुई।

    भ्रष्टाचार का मुखर विरोध करता रहूंगा : अजय
    उद्यमी अजय माैर्य ने कहा कि जीएसटी उपायुक्त को उसके किए का दंड दिलवाकर खुश हैं। आगे भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध ऐसे ही मुखर रहेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी इंजीनियरिंग सामानों के उत्पादन और आपूर्ति करती है।

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    कोर्ट ने जीएसटी उपायुक्त को भेजा जेल
    घूस लेने की आरोपित जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह को गुरुवार को विशेष न्यायाधीश द्वितीय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

    पहले दिन महिला बैरक में गुमसुम रही, नाममात्र का किया भोजन
    जीएसटी उपायुक्त अंबिका सिंह को गुरुवार शाम जिला कारागार में दाखिल हुई। उनका ठिकाना महिला बैरक बना। वह रात होने तक गुमसुम रहीं। भोजन की रस्म अदायगी की। जेल प्रशासन का कहना है, उनके लिए सभी बंदी एक समान होते हैं।

    राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि है अंबिका का
    अंबिका की परिवार पृष्ठभूमि राजनीतिक व प्रशासनिक है। उनके पिता सर्व सुख सिंह राजनीतिज्ञ रहे और कई चुनाव जीते। उनके भाई दिल्ली कैडर के आइएएस (अब सेवानिवृत्त) रहे थे। अंबिका के पति नोएडा में इंजीनियर हैं।