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    Flood In Varanasi : तीन सेंटीमीटर प्र‍ति‍घंटे तक बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, पलायन को मजबूर हुए लोग

    Updated: Sun, 07 Sep 2025 05:00 PM (IST)

    वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया है। तटवर्ती क्षेत्रों के लोग पलायन कर रहे हैं। जलस्तर में वृद् ...और पढ़ें

    बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
    बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा का जलस्‍तर लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को तीसरे दिन भी गंगा में बाढ़ के कारण वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया है। इस स्थिति के चलते तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। गंगा में जलस्‍तर में वृद्धि के कारण जल्‍द ही नौका संचालन पर एक बार फिर से प्रतिबंध की स्‍थ‍ित‍ि है। 

    केंद्रीय जल आयोग राजघाट की ओर से रव‍िवार की शाम चार बजे की र‍िपोर्ट में भी गंगा का जलस्‍तर तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की दर से बढ़ रहा था। गंगा का पानी शाम चार बजे तक 69.81 मीटर दर्ज क‍िया गया। वहीं सोमवार तक तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे बढ़ने से जलस्‍तर चेतावनी ब‍िंंदु को पार कर सकता है।  

    वाराणसी में केंद्रीय जल आयोग द्वारा राजघाट की ओर से सुबह आठ बजे जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्‍तर तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी जलस्‍तर 70.262 मीटर और खतरा बिंदु 71.262 मीटर है। अब तक का अधिकतम जलस्‍तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं, रविवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्‍तर 69.57 मीटर था।

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    गंगा के जलस्‍तर में हो रही इस वृद्धि ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के कारण कई लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

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    गंगा में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि जलस्‍तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो नौका संचालन पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो जाएगा। इससे न केवल स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि पर्यटकों की आवाजाही पर भी असर पड़ेगा।

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    गंगा नदी का जलस्‍तर बढ़ने से न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में, स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ राहत कार्यों को तेज करने का निर्णय लिया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है।

    इस बीच, मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्‍तर में और वृद्धि हो सकती है। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में सुरक्षित रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। गंगा के जलस्‍तर में हो रही इस वृद्धि के कारण वाराणसी में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रशासन और स्थानीय निवासियों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से बचा जा सके।

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