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पीएम सूर्य घर सोलर सब्‍स‍िडी के लोन से मजे करने वालों पर श‍िकंजा, अब सीधे लोन खाते में जाएगी सब्सिडी की धनराशि

By Ashok Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 02 Sep 2026 02:00 PM (IST)

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने सॉफ्टवेयर में ...और पढ़ें

सोलर सब्सिडी के दुरुपयोग पर लगाम, अब सीधे लोन खाते में जाएगी राशि।

सोलर सब्सिडी के दुरुपयोग पर लगाम, अब सीधे लोन खाते में जाएगी राशि।

HighLights

  1. सोलर सब्सिडी अब सीधे लोन खाते में जमा होगी।

  2. पीएम सूर्य घर योजना के दुरुपयोग पर लगाम लगी।

  3. बैंकों को सब्सिडी के पैसे फंसने से राहत मिलेगी।

अशोक सिंह, जागरण, वाराणसी। सरकार हर घर सोलर संयंत्र लगवाने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सब्सिडी दे रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें। लेकिन कुछ लोगों ने जनहित की इस पहल का ही गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। जनहित के इस कार्य के लिए बैंक ने मामूली ब्याज पर लोन दिया।

जब केंद्र और प्रदेश सरकार की सब्सिडी मिली तो उसे लोगों ने लोन खाते में जमा कराने की बजाय व्यक्तिगत खाते में लेकर अपने उपयोग में लगा दिए। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। सरकार ने साफ्टवेयर में बदलाव कर दिया है। सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के लोन खाते में ही जाएगी।
सोलर संयंत्र लगवाने के लिए लोगों के सामने आर्थिक बाधा न हो इसके लिए बैंकों ने 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन देने की योजना बनाई।

loan

इसके तहत कोई अगर तीन किलोवाट का सोलर संयंत्र लगवाता है तो तीन-चार माह पूर्व 180000 रुपये खर्च आता था। 10 प्रतिशत डाउन पेमेंट के रूप में 18,000 रुपये देने पड़ते थे। 1,62,000 रुपये का लोन हो जाता था। सोलर संयंत्र लगने के बाद 1,08,000 रुपये केंद्र और राज्य की सब्सिडी आ जाती है।

अब शेष 54,000 रुपये ही लोन शेष रह जाता है। इतना ही नहीं उपभोक्ता को अधिकतम छह माह बाद से लोन की किस्त देने की सुविधा मिलती थी। लोगों ने 1,08,000 रुपये सब्सिडी काे रोक लिया और किस्त भी नहीं दी तो बैंक का पूरा पैसा फंस गया। ऐसा होने पर बैंक और नेडा मिलकर ऐसे लोगों को चिन्हित कर रहे हैं।  

जनहित योजना होने के नाते सरकार के आदेश पर बैंक मामूली ब्याज पर लोन देते हैं। सब्सिडी आ जाने के बाद बैंक की मामूली धनराशि लोन शेष रह जाती है। लोग तीन किलोवाट संयंत्र लगाकर ढाई से तीन हजार रुपये बचा रहे हैं लेकिन कुछ सौ रुपये बैंक की किस्त नहीं दे रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ बैंक से मिलकर कार्रवाई की जा रही है।

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शशि गुप्ता-वरिष्ठ परियोजना अधिकारी।