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    संतों का बड़ा एलान, साधु-संत समाज के अपमान के विरोध में देशभर में शुरू होगा 'सनातन शंखनाद अभियान'

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 05:44 AM (IST)

    अखिल भारतीय संत समिति ने सनातन धर्म और साधु-संत समाज के खिलाफ हो रहे षड्यंत्रों के विरोध में देशव्यापी 'सनातन शंखनाद अभियान' की घोषणा की है। ...और पढ़ें

    ब्रह्म निवास, छोटी गैबी में अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में सनातन और साधुओं के खिलाफ विपक्ष के द्वारा लगाए जा रहे आरोप और अपमान के विरुद्ध आयोजित बैठक में उपस्थित देश के सभी प्रमुख राज्यों के महामंत्रियों को सम्बोधित करते संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती

    ब्रह्म निवास, छोटी गैबी में अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में सनातन और साधुओं के खिलाफ विपक्ष के द्वारा लगाए जा रहे आरोप और अपमान के विरुद्ध आयोजित बैठक में उपस्थित देश के सभी प्रमुख राज्यों के महामंत्रियों को सम्बोधित करते संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती

    HighLights

    1. अखिल भारतीय संत समिति ने 'सनातन शंखनाद अभियान' की घोषणा की।

    2. यह अभियान सनातन धर्म और संतों के अपमान के विरोध में है।

    3. 2 से 5 नवंबर तक 'संस्कृति संसद' का आयोजन किया जाएगा।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। अखिल भारतीय संत समिति ने सनातन धर्म और साधु-संत समाज के खिलाफ हो रहे निरंतर षड्यंत्र किए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे देश में सनातन शंखनाद अभियान की शुरुआत की घोषणा की है। दो से पांच नवंबर तक संस्कृति संसद का आयोजन होगा। दो नवंबर को श्रीराम मंदिर आंदोलन में वीरगति प्राप्त कारसेवकों की स्मृति में रुद्राभिषेक के साथ इसका शुभारंभ होगा।

    बड़ी गैबी स्थित कार्यालय में रविवार को समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस अभियान को आदि शंकराचार्य के शंकर दिग्विजय का दूसरा चरण माना जाए। संतों ने अब चुप्पी तोड़ दी है और सनातन धर्म के हर शत्रु से पूरी सख्ती से निबटने के लिए तैयार हैं।

    सनातन विरोधी ताकतों को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर बालक दास ने ने संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव के कृत्य को भगवान राम और सनातन धर्म का अपमान बताते हुए इसे अक्षम्य अपराध करार दिया। कहा कि यदि पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार नहीं करती है तो संत समाज इस पूरे मामले की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेगा।

    रावण ने भी सीता हरण के लिए साधु का वेश बनाया था और उसका परिणाम उसके पूरे वंश के नाश के रूप में सामने आया। आज जो लोग संतों के स्वरूप का मजाक उड़ा रहे हैं, वे अपने राजनीतिक अंत को स्वयं आमंत्रित कर रहे हैं।

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    काशी विद्वत परिषद ने भी किया समर्थन

    राष्ट्रव्यापी अभियान को काशी विद्वत् परिषद ने भी अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। श्रीकाशी विद्वत् परिषद के महामंत्री प्रो राम नारायण द्विवेदी और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री अशोक तिवारी ने भी इस अभियान में समर्थन देने की घोषणा की।

    देश भर से जुटे संत

    संत- महात्माओं के अपमान को लेकर रविवार को बड़ी गैबी में हुई अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में देश भर से संतों ने चर्चा की। इसमें उत्तराखंड से महामंडलेश्वर अरुण दास महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य हंस देवाचार्य के उत्तराधिकारी, मध्य प्रदेश से महंत हनुमान दास, छत्तीसगढ़ से स्वामी राधेश्याम दास तथा उत्तर प्रदेश से स्वामी रामानंद तीर्थ, गोवा के स्वामी हर्षिद्धानंद सरस्वती, पालघर में मिशनरियों को सीधी चुनौती देने वाले महाराष्ट्र के स्वामी भारतानंद, बिहार के स्वामी रणजीतेशानंद, ओडिशा के स्वामी सच्चिदानंद दास तथा बंगाल में सनातन अलख जगाने वाले ब्रह्मविद्यानंद सहित दक्षिण भारत के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

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