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    वाराणसी की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ लंबित पुनरीक्षण याचिका निरस्त, चर्चा में है इस मामले में अदालत की टि‍प्‍पणी

    By Amarendra TiwariEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Thu, 09 Jul 2026 05:07 PM (IST)

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अदालत ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका अमेरिका में सिखों को ल ...और पढ़ें

    राहुल गांधी को वाराणसी कोर्ट से मिली राहत, पुनरीक्षण याचिका हुई खारिज।

    राहुल गांधी को वाराणसी कोर्ट से मिली राहत, पुनरीक्षण याचिका हुई खारिज।

    HighLights

    1. राहुल गांधी के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका खारिज हुई।

    2. अदालत ने याचिका को बलहीन और निरस्त योग्य बताया।

    3. यह मामला सिखों पर राहुल के बयान से जुड़ा था।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में रह रहे सिखों को लेकर दिए गए बयान के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने निरस्त कर दी।अदालत ने बहस सुनने के बाद पुनरीक्षण याचिका पर आदेश के लिए नौ जुलाई की तिथि मुकर्रर की थी।

    अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) द्वारा पारित आदेश तथ्य एवं विधि दोनों की दृष्टि से न्यायोचित, तर्कसंगत एवं विधिसम्मत है जिसमें हस्तक्षेप करना न्यायोचित नहीं है। निगरानी याचिका बलहीन है और निरस्त होने योग्य है।

    आशापुर (सारनाथ) निवासी पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने सितंबर 2024 में अमेरिका में सिखों को लेकर दिए गए बयान को लेकर 26 सितंबर 2024 को अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए नीरज कुमार त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को इस प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था।

    इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई बाद 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका मंजूर कर ली और प्रार्थना पत्र पर फिर से सुनवाई करने का अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए को आदेश दिया।

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    इससे असंतुष्ट कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा 26 अगस्त 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई बाद 26 सितंबर 2025 को राहुल गांधी की याचिका को निरस्त कर दिया। तत्पश्चात् इस लंबित प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) की अदालत में फिर से सुनवाई हुई थी।

    अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) नीरज कुमार त्रिपाठी ने 17 अक्टूबर 2025 को प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने पुनः पुनरीक्षण याचिका दायर की जिसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में चल रही थी।

    वहीं भगवान राम को लेकर कथ‍ित व‍िवाद‍ित बयान को लेकर दाख‍िल प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्‍य न्‍याय‍िक मज‍िस्‍ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) नीरज कुमार त्र‍िपाठी की अदालत में सुनवाई हुई। प्रत‍िवादी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से अध‍िवक्‍ता श्रीनाथ त्र‍िपाठी व प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय की ओर से अध‍िवक्‍ता अनुज यादव उपस्‍थ‍ित हुए।

    दोनों अध‍िवक्‍ताओं ने अपना पक्ष रखने के ल‍िए अदालत से समय मांगा। जिस पर अदालत 24 जुलाई की त‍िथ‍ि मुकर्रर कर दी। अध‍िवक्‍ता ह‍र‍िशंकर पांडेय ने अमेर‍िका के बोस्‍टन यून‍िवर्स‍िटी में 21 अप्रैल 2025 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा भगवान श्रीराम को लेकर व‍िवाद‍ित बयान देने का आरोप लगाते हुए उनके ख‍िलाफ कार्रवाई के ल‍िए अदालत में प्रार्थना पत्र दाख‍िल क‍िया है।