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ईमानदारी बढ़ गई है या भ्रष्टाचार की शिकायत करने में पीछे हैं काशीवासी? आठ महीने में महज 14 लोगों ने की लिखित शिकायत

By Anurag Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 08 Sep 2026 06:53 PM (IST)

काशी मंडल में भ्रष्टाचार की शिकायतें फोन पर अधिक आती हैं, लेकिन लिखित शिकायतें बहुत कम हैं, जिससे कार्रवाई में ...और पढ़ें

काशी मंडल में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: लिखित शिकायतों की कमी बनी चुनौती।

काशी मंडल में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: लिखित शिकायतों की कमी बनी चुनौती।

HighLights

  1. आठ माह में 78 फोन शिकायतें, 14 लिखित शिकायतें दर्ज हुईं।

  2. वाराणसी मंडल में 9 सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए।

  3. लिखित शिकायतें कम होने से भ्रष्टाचार पर कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बिना पैसे लिए काम नहीं होता है। हर जगह भ्रष्टाचार है। यह कहते हुए हर दूसरा आदमी मिल जाएगा लेकिन जब बात उसके खिलाफ आवाज उठाने की आती है तो सभी पीछे हट जाते हैं। वाराणसी के लोग भी इस मामले में काफी पीछे हैं। यही वजह है कि एंटी करप्शन के पास वाराणसी मंडल से आठ महीने में महज 14 लोगों ने लिखित शिकायत की। इसमें से नौ सरकारी कर्मचारियों को एंटी करप्शन ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।

एंटी करप्शन वाराणसी के प्रभारी नीरज सिंह ने बताया कि वाराणसी मंडल के चार जिलों वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर से आठ महीने में रिश्वत मांगे जाने की कुल 78 शिकायतें लोगों ने फोन पर दर्ज कराई। लेकिन जब बात लिखित प्रार्थना पत्र देने आई तो यह संख्या घटकर 14 ही रह गई। इसमें से नौ लोगों को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। नीरज सिंह के अनुसार फोन पर जो लोग शिकायत करते हैं उनको दोबारा फोन करने पर वह फोन तक नहीं रिसिव करते हैंं। ऐसे में जब लोग रिश्वत मांगे जाने की शिकायत ही नहीं करेंगे तो गिरफ्तारी कैसे होगी।

सबसे कम वाराणसी से आई शिकायत
पूर्वांचल में वाराणसी सबसे बड़ा शहर हैं। यहां पर रहने वाले लोगों की आबादी के साथ ही सरकारी कार्यालयों की संख्या भी ज्यादा है। फिर भी भ्रष्टाचार की शिकायत करने में वाराणसी के लोग सबसे पीछे हैं। वाराणसी जिले से 14 लोगों ने फोन पर रिश्वत मांगे जाने की बात एंटी करप्शन में बताई लेकिन छह लोगों ने ही लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत पर पांच सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। वहीं जौनपुर से सबसे ज्यादा 33 लोगों ने फोन किया लेकिन तीन लोगों ने लिखित शिकायत की। इसके अलावा गाजीपुर से 16 लोगों ने फोन किया और लिखित में चार लोगों ने दिया। इसमें दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। चंदौली से 15 लोगों ने फोन किया लेकिन लिखित में दो लोगों ने शिकायत की। इसमें से एक ट्रैपिंग हो सकी।

यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
घूस मांगने वालों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन के वाराणसी कार्यालय के नंबर 9454401901 और लखनऊ के नंबर 9454402484 पर फोन कर सकते हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण संगठन के पुलिस लाइन वाराणसी के पास स्थित कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना होगा। प्रार्थना पत्र देने के बाद ही टीम कार्रवाई करेगी। कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता को भी साथ रहना होगा।

आकड़ों में जानकारी

जिलेवार घूस लेते पकड़े गए लोग

वर्ष 2024 2025 2026

वाराणसी 06 10 05

जौनपुर 09 04 01

गाजीपुर 07 04 02

चंदौली 00 00 01

कुल 22 18 09

वर्ष 2026 में अब तक फोन से आई शिकायतें

वाराणसी 14

जौनपुर 33

गाजीपुर 16

चंदौली 15

हाल में हुई गिरफ्तारी

1- 12 जून 2026 को एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक जेई सुखदेव रस्तोगी को गिरफ्तार किया
2- 17 जुलाई 2026 को कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक (क्लर्क) अब्दुल रहमान अंसारी 20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार
3- 29 जून 2026 को काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार
4- 8 मई 2026 को एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग में तैनात क्लर्क को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
5- 15 जुलाई 2026 को जीएसटी विभाग की डिप्टी कमिश्नर को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया