वाराणसी में गंगा का जलस्तर कुछ घटा, नाविकों ने बड़ी नावों के संचालन की अनुमति मांगी
गंगा का जलस्तर घटने के बाद वाराणसी के नाविकों ने जिला प्रशासन से बड़ी नावों के संचालन पर लगी पाबंदी हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रतिबंध से स ...और पढ़ें

गंगा जलस्तर घटा, वाराणसी के नाविकों ने बड़ी नावों के संचालन की अनुमति मांगी।
HighLights
नाविकों ने गंगा में बड़ी नावों के संचालन की अनुमति मांगी।
जलस्तर सामान्य होने पर प्रतिबंध हटाने की अपील की गई।
प्रतिबंध से सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित, पर्यटन को नुकसान।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा के जलस्तर में गिरावट के बाद वाराणसी के नाविकों ने जिला प्रशासन से बड़ी नावों के संचालन पर लगी पाबंदी हटाने की मांग की है। नाविकों का कहना है कि अब जलस्तर सामान्य हो गया है और पानी भी कम हुआ है, ऐसे में प्रतिबंध से सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
नाविक राकेश निषाद ने बताया कि नाव संचालन ही उनके परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। पहले 50 यात्रियों की क्षमता वाली नावों को अनुमति थी, लेकिन अब रोक के कारण आय आधी रह गई है। उन्होंने मांग की कि कम से कम 30 यात्रियों के साथ बड़ी नावों को अनुमति दी जाए।
नाविक समाज के नेता शम्भू साहनी का कहना है कि बाढ़ के समय सुरक्षा को लेकर जो प्रतिबंध लगे थे, अब स्थिति बदलने पर उनका पुनर्मूल्यांकन होना चाहिए। गंगा किनारे बड़ी संख्या में परिवार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन और नाव संचालन से जुड़े हैं।
नाविकों ने प्रशासन से सुरक्षा मानकों के साथ बड़ी नावें चलाने की जल्द अनुमति देने की अपील की है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिले और नाविक परिवारों को राहत मिल सके।
इस स्थिति में प्रशासन को नाविकों की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि नाविकों की आजीविका को सुरक्षित किया जा सके और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। गंगा नदी के किनारे बसे परिवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो उनके जीवनयापन से जुड़ा हुआ है।
खबरें और भी
नाविकों की यह मांग न केवल उनके लिए, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी आवश्यक है। यदि प्रशासन इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाता है, तो इससे न केवल नाविकों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि बाढ़ का स्तर चेतावनी भी दे रहा है।