बनारस में एग्रो पार्क की सड़क खराब होने से बंद हो गई फैक्ट्री, आक्रोशित कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
वाराणसी के करखियांव एग्रो पार्क में जर्जर सड़क और जलजमाव के कारण फैक्ट्रियां बंद हो गईं, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों ने यूपीएसआईडीसी कार्यालय पर प्रदर्श ...और पढ़ें

करखियांव एग्रो पार्क की जर्जर सड़क बनी मुसीबत, फैक्ट्री बंद होने पर मजदूरों का प्रदर्शन।
HighLights
करखियांव एग्रो पार्क में सड़क खराब होने से फैक्ट्रियां बंद।
सैकड़ों कर्मचारियों ने यूपीएसआईडीसी कार्यालय पर किया धरना-प्रदर्शन।
जर्जर सड़क और जलजमाव से आवागमन ठप, दो साल से समस्या।
जागरण संवाददाता, (पिंडरा) वाराणसी। करखियांव स्थित एग्रो पार्क परिसर की लेन नंबर छह और सात की जर्जर सड़क व जलजमाव से फैक्ट्रियों में आवागमन ठप हो गया है। इससे नाराज सैकड़ों कर्मचारियों और मजदूरों ने सोमवार को यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक नारेबाजी के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
मजदूरों ने चेतावनी दी कि जल्द सड़क दुरुस्त नहीं हुई तो कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। बताया गया कि लेन नंबर छह और सात की सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण बारिश में जलजमाव हो गया है। पानी के चलते सड़क जगह-जगह धंसकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस लेन पर करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियां संचालित हैं, जहां एक हजार से अधिक मजदूर प्रतिदिन काम करने आते हैं।
पिछले दो दिनों से अत्यधिक जलजमाव और सड़क धंसने के कारण कर्मचारियों का फैक्ट्री पहुंचना मुश्किल हो गया है। रास्ता खराब होने और कच्चा माल नहीं पहुंचने के कारण शीतल पेय व बोतलबंद पानी बनाने वाली नेचर फ्रेश फैक्ट्री भी बंद हो गई। इससे नाराज सैकड़ों कर्मचारी एग्रो पार्क परिसर स्थित यूपीएसआईडीसी कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे मजदूर रवि, लालमन दिनेश, महेंद्र और सुमित ने बताया कि सड़क पर आए दिन बाइक और साइकिल सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। महिला मजदूरों का फैक्ट्री पहुंचना भी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि सड़क करीब दो वर्षों से खस्ताहाल है। काम बंद होने से मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो अन्य फैक्ट्रियां भी बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगी।
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लेन पर स्थित फैक्ट्रियों के मालिक राजेश अग्रवाल, अक्षय कुमार राय और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि सड़क की समस्या को लेकर पिछले दो वर्षों से यूपीएसआईडीसी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि फैक्ट्री ही बंद हो गई है।