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    BHU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी पर लोकायुक्त का शिकंजा, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के आरोप को लेकर भेजा समन

    Updated: Mon, 25 May 2026 05:30 AM (IST)

    बीएचयू के ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह को लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार और आयुष्मान भारत योजना में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों पर समन भेजा है। उन्हें ...और पढ़ें

    BHU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी पर लोकायुक्त का शिकंजा।

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    जागरण संवाददाता, वाराणसी। उत्तर प्रदेश लोकायुक्त ने बीएचयू के ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह को भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों में समन जारी किया है। उन्हें चार जून को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।

    मामला सामाजिक कार्यकर्ता राजनारायण मौर्य द्वारा लोकायुक्त के समक्ष दायर परिवाद के बाद सामने आया है। शिकायत में प्रो. सौरभ सिंह पर ट्रामा सेंटर में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और आयुष्मान भारत योजना की धनराशि में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।

    परिवाद में कहा गया है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार से मिली करीब 11.61 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग में गड़बड़ी की गई।

    आरोप है कि योजना का लाभ अपात्र लोगों, निजी परिचितों और संदिग्ध व्यक्तियों को पहुंचाया गया। यह भी शिकायत की गई है कि सरकारी व्यवस्था के तहत संचालित अमृत फार्मेसी से करीब 1.31 करोड़ रुपये की खरीद दिखाई गई, जबकि 10 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद निजी फर्मों से की गई।

    आरोप है कि स्वीकृत सूची में शामिल न होने वाली दवाइयों, उपकरणों और अन्य सामग्री का भुगतान भी आयुष्मान योजना की राशि से किया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि प्रो. सौरभ सिंह की बेनामी संपत्तियों की जांच आयकर विभाग कर रहा है और उनके बैंक लेनदेन व संपत्ति से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

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    प्रो. सौरभ सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें दुर्भावना से प्रेरित बताया है। दावा किया कि बीएचयू उत्तर प्रदेश लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और न ही उन्हें कोई समन मिला है।

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