काशी में गंगा की लहरों में उफान, सावन के पहले सोमवार के लिए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा प्रशासन
काशी में सावन और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज ...और पढ़ें

सावन के पहले सोमवार के लिए काशी में गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
HighLights
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों पर बैरिकेडिंग।
जल पुलिस, एनडीआरएफ अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
सीसीटीवी, ड्रोन से निगरानी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। सावन और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन ने शनिवार को काशी के प्रमुख घाटों पर बैरिकेटिंग शुरू कराई। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार एक अगस्त शनिवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 61.92 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जबकि गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है।
इसके बावजूद श्रावण सोमवार की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जबकि पीछे से पानी आने की उम्मीद को देखते हुए जल पुलिस और एनडीआरएफ को अलर्ट मोड में रखा गया है। गंगा में भी बैरिकेडिंंग के साथ ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन कांवड़ियों को तय स्थल के आगे जाने से रोकने की तैयारी कर रही है।
गंगा द्वार पर भक्तों के सुगम दर्शन और सुरक्षा के लिए ललिता घाट पर जिग-जैग बैरिकेटिंग लगाई गई है। गेट नंबर 1 ढुंडीराज प्रवेश के लिए दशाश्वमेध के चितरंजन पार्क से बैरिकेटिंग शुरू की गई है। यहां से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु बैरिकेटिंग के माध्यम से नंदी चौक, केसीएम, बांसफाटक होते हुए ढूंडीराज प्रवेश गेट से मंदिर परिसर तक पहुंचेंगे।

प्रशासन ने घाटों पर पुलिस और गोताखोरों की तैनाती भी बढ़ा दी है। सावन के सोमवार को होने वाली भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए नंदी चौक, घाट, गिरजाघर चौराहा सहित मंदिर की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर सीसीटीवी की संख्या बढ़ा दी है। इसके अलावा श्रावण मेले को लेकर ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी।
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इन सभी सुरक्षा उपायों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव करना है। प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें।

वाराणसी प्रशासन ने सावन के इस पवित्र महीने में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। इस बार सावन में गंगा के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने जो कदम उठाए हैं, वे निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित और सुखद अनुभव सुनिश्चित करेंगे।