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    उन्नाव दुष्कर्म मामले में तीन महीने में तय हो कुलदीप सेंगर की याचिका, CJI ने HC से कहा- समानांतर ट्रायल सहन नहीं

    Updated: Mon, 09 Feb 2026 09:06 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को उन्नाव दुष्कर्म मामले में निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका तीन महीने में निपटाने का निर्देश दिया ...और पढ़ें

    उन्नाव दुष्कर्म मामले में तीन महीने में तय हो कुलदीप सेंगर की याचिका सुप्रीम कोर्ट

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और इसे तीन महीने के भीतर निपटाया जाए। यह याचिका उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषी सेंगर की सजा को चुनौती देती है।

    सेंगर की याचिका को सुनने से इनकार करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जायमाल्या बागची और एनवी अंजरिया की पीठ ने कहा कि यदि पीड़िता के परिवार द्वारा कोई अपील की गई है, तो उसे भी सेंगर की याचिका के साथ हाई कोर्ट में सुना जाना चाहिए।

    पीठ सेंगर की याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसने उसके 10 साल की जेल की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था।

    सुनवाई के दौरान सीजेआइ ने मामले के बारे में मीडिया में बयान देने के लिए पीड़िता के वकील की असहमति व्यक्त की। जस्टिस कांत ने कहा कि वह अदालत के बाहर किसी भी ''समानांतर ट्रायल'' को सहन नहीं करेंगे। हम किसी हाथी के दांतों की तरह नहीं बैठे हैं। हमें पता है कि बाहर मीडिया का ट्रायल चल रहा है।

    पीठ को सूचित किया गया कि सेंगर की अपील 11 फरवरी को हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए आने वाली है। ध्यान रहे कि 13 मार्च, 2020 को सेंगर को एक ट्रायल कोर्ट द्वारा 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।

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    साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। ट्रायल कोर्ट ने पिता की मौत के मामले में आरोपित को आईपीसी के तहत हत्या का दोषी नहीं ठहराया।