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राष्ट्रगान के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के जाने का वीडियो वायरल, सियासत गर्म, कांग्रेस का हमला

Published: Sat, 22 Aug 2026 11:27 PM (IST)

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के उन्नाव में राष्ट्रगान के बीच जाने का वीडियो वायरल हो गया है, जिससे राजनीतिक विवाद ...और पढ़ें

सलामी लेते विधानसभा अध्यक्ष सतीश माना। वीडियो ग्रैब

सलामी लेते विधानसभा अध्यक्ष सतीश माना। वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के बीच चले गए।

  2. उन्नाव के एसवीएम इंटर कॉलेज का वीडियो वायरल हुआ।

  3. कांग्रेस ने इसे राष्ट्रगान का अपमान बताया है।

जागरण संवाददाता, उन्नाव। विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना शनिवार को शहर के पूरन नगर स्थित एसवीएम इंटर कालेज में पहुंचे थे। यहीं का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रचलित हो रहा है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष को गार्ड आफ आनर दिया गया। आरोप है कि राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष वहां से चले गए और उनके जाने के बाद भी राष्ट्रगान बजता रहा। कांग्रेसियों ने इसका विरोध किया।

जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता दिनेश शुक्ला ने फेसबुक पर लिखा कि अपने प्रोटोकाल का सम्मान लिया और चल दिए। क्या यह अपमान नहीं है राष्ट्र गान का... वहीं अन्य कई लोगों ने इस वीडियो को शेयर कर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम के आयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने बताया जहां गार्ड आफ आनर दिया जा रहा था, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था। यह राष्ट्रगान जहां कार्यक्रम था वहां बज रहा, आवाज यहां तक आ रही थी।

इधर, सतीश महाना ने कहा- संस्थान मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा

हमारे देश के संस्थान मजबूत होने चाहिए, क्योंकि संस्थान मजबूत रहेंगे तो देश मजबूत रहेगा। शिक्षा संस्थान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। यह बात विधानसभा अध्यक्ष उप्र सतीश महाना ने शनिवार को एसवीएम इंटर कालेज, संतपूरन दास नगर के आस्था सभागार में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 46वें प्रांतीय सम्मेलन में कही। उन्होंने प्रधानाचार्यों और शिक्षाविदों से स्वप्रेरणा के साथ आगे बढ़ने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।

मानसून सत्र में शिक्षकों की समस्याओं पर होगी चर्चा

सम्मेलन में वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार नरेन्द्र भदोरिया को विधानसभा अध्यक्ष और परिषद के पदाधिकारियों ने उन्नाव गौरव सम्मान से सम्मानित किया। प्रधानाचार्यों ने चयन वेतनमान, ग्रेच्युटी सहित अन्य समस्याएं रखीं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में इन समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने शिक्षक और प्रधानाचार्य समुदाय की समस्याओं को उचित मंच पर रखने का भरोसा दिया। इस दौरान ‘शिक्षा प्रभा’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। शिक्षक नेता वेणु रंजन भदौरिया के संयोजन में हुए कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रधानाचार्य और शिक्षाविद शामिल हुए।


सांसद डा. साक्षी महाराज ने शिक्षक और प्रधानाचार्य समुदाय को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वेणु रंजन भदौरिया को अपना मानस पुत्र बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान परिषद की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। डाक्टर संदीप चतुर्वेदी को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। डा बृजेश शर्मा, डा. मेजर जेपी. शर्मा और डा. वीरेंद्र चतुर्वेदी को प्रधान संरक्षक तथा प्रधानाचार्य मोहन लाल शुक्ला को संरक्षक घोषित किया गया। डा. अखिलेन्द्र त्रिपाठी को प्रदेश महामंत्री और डा अमीर सिंह को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। शिक्षाविदों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।

आस्था पर सवाल उठाने से पहले सोचना चाहिए

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राम मंदिर चंदा चढ़ावा चोरी कांड पर कहा कि राम मंदिर सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। मंदिर के लिए दी गई राशि दान नहीं, भगवान के चरणों में समर्पण राशि है। इसे वापस मांगने की बात आस्था से जुड़े लोगों को आहत करने वाली है। पूरे मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। जेन जी को लेकर उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कारयुक्त और समर्पण युक्त शिक्षा मिलनी चाहिए। किसी व्यवस्था को अच्छा या खराब कहने से पहले पूरी परिस्थितियों को समझना जरूरी है। बच्चों को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन संस्कार और सीमा में रहकर समाज और सरकार के सामने आने वाले मुद्दों को मिलकर सुलझाया जा सकता है।