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    'न्याय नहीं दे सकते तो दे दीजिए मौत', माखी दुष्कर्म पीड़िता ने चाचा को इंसाफ दिलाने के लिए PM और न्यायपालिका को लिखा लेटर 

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 10:11 PM (IST)

    माखी दुष्कर्म पीड़िता ने तिहाड़ जेल में बंद अपने चाचा को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री, न्यायपालिका और देश के लोगों से अपील की है। पीड़िता ने चाचा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. माखी पीड़िता ने चाचा के न्याय के लिए पत्र लिखा।

    2. चाचा तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर, झूठे आरोप।

    3. पीड़िता ने परिवार की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच मांगी।

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। माखी दुष्कर्म पीड़िता ने तिहाड़ जेल में बंद चाचा को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री, न्यायपालिका व देश के लोगों से अपील करते हुए एक पत्र लिखकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया है। उसके चाचा वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर पिछले सात-आठ वर्षों से जेल में रखा गया है।

    आरोप है कि विचाराधीन बंदी होने के बावजूद उन्हें अपनी कानूनी लड़ाई लड़ने के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है। वर्तमान में तिहाड़ जेल संख्या 8/9 में निरुद्ध चाचा पिछले दो दिनों से अपने संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं, जिससे परिवार परेशान है।

    दुष्कर्म पीड़िता ने लेटर में क्या लिखा?

    दुष्कर्म पीड़िता ने पत्र में कहा कि यदि उसके परिवार के हिस्से में न्याय नहीं लिखा है तो उन्हें तिल-तिल मरने के लिए न छोड़ा जाए। उसने परिवार के साथ हुए सभी अत्याचारों की निष्पक्ष जांच हो। चाचा के साथ हुए अन्याय की जांच, तिहाड़ जेल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने व पूरे परिवार को भयमुक्त वातावरण और संवैधानिक संरक्षण उपलब्ध कराने की मांग की है।

    पीड़िता ने कहा कि वह किसी विशेष कृपा की नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को मिले न्याय के अधिकार की मांग कर रही है। कहा कि दुष्कर्म की घटना ने केवल उसकी अस्मिता ही नहीं छीनी, बल्कि पूरे परिवार का जीवन तबाह कर दिया।

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    उसने आरोप लगाया कि घटना के बाद उसके पिता की हत्या कर दी गई, जबकि मुकदमे की प्रमुख पैरवी कर रही उसकी चाची की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद से परिवार को लगातार आर्थिक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।