उन्नाव में आगरा एक्सप्रेसवे पर रूह कंपा देने वाला हादसा; ड्राइवर की झपकी और बिखर गईं 7 जिंदगी, किसी का हाथ कटा तो किसी का पैर
उन्नाव में आगरा एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से बिहार जा रही स्लीपर बस ड्राइवर की झपकी से भीषण हादसे का शिकार हो गई, जिसमें सात लोगों की मौत और 24 घायल हो गए ...और पढ़ें

हादसे में इन सात लोगों की थम गईं सांसें। स्वजन
HighLights
दिल्ली से बिहार जा रही बस के चालक को झपकी लगने से हादसा, 49 सीटर बस में थे 45 यात्री
बेकाबू बस सभी लेन पार कर पार्किंग लेन में एल्युमिनियम गार्ड पर पलटकर 50 मीटर तक घिसटी
दो यात्रियों के एक हाथ व एक पैर कट कर अलग हुए, तीसरे की गर्दन कटकर झूल गई
जागरण संवाददाता, उन्नाव। बस ड्राइवर की एक झपकी पल भर में सात जिंदगी छीन ले गईं। दिल्ली से बिहार जा रही बस के ड्राइवर को आई एक झपकी ने आगरा एक्सप्रेसवे पर मौत का ऐसा तांडव मचाया कि देखने वालों की रूह कांप गई। 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 गंभीर रूप से घायल हैं। मंजर इतना खौफनाक था कि झटके से तीन यात्रियों के हाथ-पैर और गर्दन कटकर अलग हो गए।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर औरास के नींभा खेड़ा गांव के पास मंगलवार तड़के भीषण हादसा हुआ। 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दिल्ली से बिहार जा रही स्लीपर बस चालक को झपकी लगने से अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा सभी लेन पार करती हुई पार्किंग लेन में जाकर बाईं ओर पर पलट गई और 50 मीटर तक एल्युमिनियम गार्ड पर घिसटती चली गई। हादसे में बिहार के सिवान जिला के दारोगा व हरियाणा निवासी बंदी समेत सात की मौत हो गई, जबकि 24 यात्री घायल हो गए।
सीएम ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त कर घायलों का समुचित इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल पर जायजा लिया। पीटीओ शहपर किदवई ने बताया कि बस के पांच चालान पेंडिंग है। हिमाचल प्रदेश में लोकल टैक्स न जमा करने पर 50 हजार का चालान किया गया है। दो नो पार्किंग, एक लेन चेंज व अतिरिक्त लाइट लगाने में चालान किया गया है। इसके अलावा मई का टैक्स भी जमा नहीं है। बस इसी फरवरी माह में खरीदी गई है। अन्य कागजात पूरे हैं।
सुबह पांच बजे हादसा
बुलंदशहर जिला के रजिस्ट्रेशन नंबर की श्री सरोज ट्रैवल्स की 50 सीटर स्लीपर बस का चालक दीपक कुमार निवासी वापोरा (दिवानी) थाना सदर जिला भिवानी, हरियाणा 45 यात्रियों को लेकर दिल्ली से बिहार के लिए निकला। बस लगभग 450 किमी की दूरी तय कर मंगलवार तड़के पांच बजे एक्सप्रेसवे पर नींभाखेड़ा गांव के पास पहुंची थी, तभी चालक दीपक को झपकी लग गई।
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कई यात्री शीशे से बाहर गिरे
ओवरटेकिंग लेन में चल रही बस के अनियंत्रित होने से पीछे का हिस्सा अंडरपास के कंक्रीट डिवाइडर से टकरा गया। बस के पलटने से आगे व खिड़की के शीशे टूट गए, जिससे कई यात्री छिटक कर शीशे से बाहर 10 फीट नीचे जा गिरे।
कई दबे तो कई के हाथ पैर कटे
कई बस के नीचे दब गए। एल्युमिनियम गार्ड की धारदार पट्टी से दो यात्रियों में एक का हाथ व एक का पैर कटकर अलग हो गया। एक अन्य यात्री की गर्दन कटकर झूल गई। चीख पुकार के बीच 20 मिनट बाद यूपीडा कर्मी और आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया। हाइड्रा व क्रेन को पहुंचने में 25 मिनट लग गए। बस को उठाकर घायलों को बाहर निकाला गया।
इन सात लोगों की हुई मौत
हादसे में बिहार के सिवान जिला की पुलिस लाइन में तैनात दारोगा 58 वर्षीय रविचरन राम निवासी महुआरी थाना महाराजगंज जिला सिवान, 50 वर्षीय बंदी डा. सीएस तोमर उर्फ छत्रपाल सिंह पुत्र गोरेलाल निवासी मकान नंबर 201/ 31 बी लक्ष्मी हास्पिटल थाना लक्ष्मण विहार फेज 02 जिला गुरुग्राम, हरियाणा, 40 वर्षीय सुरेश कुमार जायसवाल पुत्र रामाधार निवासी मुंडेरा बाजार जनपद गोरखपुर, 40 वर्षीय विदेशी गुप्ता पुत्र मिश्री गुप्ता निवासी पिपराइच मधुपुर जनपद गोरखपुर, 24 वर्षीय विजय कुमार पुत्र रामजीत निवासी कसानगंज जनपद बस्ती, 50 वर्षीय दिनेश चंद्र चतुर्वेदी निवासी सिंघारघाट मसकौना थाना छतिया जिला गोंडा व एक अज्ञात महिला समेत सात की मौत हो गई।
दरोगा-सिपाही बस से पेशी कराकर लौट रहे थे बिहार
सिपाही रामजी, मुहम्मद वसीम व रोहन कुमार समेत 24 घायल हो गए। दारोगा और सिपाही गुरुग्राम में छत्रपाल पर दर्ज हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के मुकदमे में पेशी कराकर बस से बिहार लौट रहे थे। बंदी छत्रपाल सिवान जिला की जेल में हत्या के मामले में बंद था। सभी सिवान जिला की पुलिस लाइन में तैनात हैं।
एक घंटे तक बंद रही लेन
रेस्क्यू के बाद घायलों को एंबुलेंस से पीएचसी औरास ले जाया गया। जहां से ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। बस में सवार अन्य यात्रियों को हल्की चोटें होने पर प्राथमिक उपचार के बाद गंतव्य को भेज दिया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की भारी और हल्के वाहनों की लेन लगभग एक घंटे तक बंद रही। वाहन ओवरटेकिंग लेन से निकलते रहे। यूपीडा ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर लेन खाली कराई।
चारों स्टाफ फरार
हादसे की सूचना पर डीएम घनश्याम मीना, एसपी जयप्रकाश सिंह समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। एसओ संजीव कुशवाहा ने बताया कि दो चालक व दो कंडक्टर मिलाकर चार का स्टाफ था। सभी फरार हैं। पीटीओ शहपर किदवई ने बताया कि जब बस मालिक से फोन पर बात की गई तो वह दूसरे चालक का नाम नहीं बता पाया। न ही कोई दस्तावेज दे सके।
गंभीर लापरवाही पर पर्दा
प्रतीत हो रहा है कि लापरवाही छिपाने के लिए मालिक द्वारा दो चालकों की बस में मौजूदगी की बात कही गई है। इसकी जांच की जा रही है। एसपी जय प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे के बाद तत्काल घायलों को उपचार के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्ट्या हादसा चालक को झपकी आने से हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।
ये लोग हुए घायल
मो. वसीम निवासी वजीरगंज बिहार, गोलू निवासी देवरिया सदर, रोहन निवासी ग्राम बरमघोषी जहानाबाद बिहार, विनय निवासी बिस्तौली गोरखपुर, धीरज निवासी टिकरा सौहात कुलही जिला महाराजगंज, अरुण कुमार निवासी कुशमाल बेनीपास गोरखपुर, सुरेंद्र कुमार गुप्ता निवासी बरपार खदनी गोरखपुर, अमरदीप सिंह निवासी औरैया, फरमान अंसारी, शाहिद अख्तर निवासी पिपरा पड़ी शिकारपुर बिहार, सोम अली निवासी लौकियांवा जिला बस्ती, धनंजय निवासी श्याम विहार नजबगढ़ दिल्ली, विष्णु कुमार निवासी ककरिया जिला बस्ती, अरविंद, राहुल निवासी खड़खड़िया गोरखपुर, गणेश दीक्षित निवासी कुशीनगर, आर्यन गुप्ता निवासी कप्तानगंज बस्ती, लारेब आलम निवासी गोरखपुर सदर, परमजीत सिंह, श्वेता यादव, विंद्रावती निवासी मुस्का पिपरी गोरखपुर, ब्रजेश कुमार निवासी फरीदाबाद, विकास यादव निवासी बलिया व एक अन्य अज्ञात भी शामिल है।