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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुलदीप सेंगर की अंतरिम जमानत बढ़ाने से दिल्ली हाई कोर्ट का इनकार, कहा- बार-बार राहत नहीं दी जा सकती

Updated: Sat, 18 Jan 2025 03:45 AM (IST)

उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 जनवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सेंगर की अं ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 जनवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 जनवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

HighLights

  1. 20 जनवरी को आत्मसमर्पण करने का दिया आदेश
  2. आवेदन पर आत्मसमर्पण के बाद किया जाएगा विचार

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। वर्ष 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने से इन्कार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 जनवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। 

अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग को ठुकराते हुए न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह व न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की पीठ ने अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग करने वाली सेंगर की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। 

27 जनवरी को अन्य पीठ के समक्ष रखने का निर्देश

कोर्ट ने कहा कि सेंगर को बार-बार राहत इस तरह से नहीं दी जा सकती है। अदालत ने सेंगर के अधिवक्ता से कहा, आत्मसमर्पण करें, इसके बाद ताजा आवेदन पर विचार किया जाएगा। साथ ही अदालत ने मामले को 27 जनवरी को अन्य पीठ के समक्ष रखने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान कुलदीप सेंगर के वकील ने यह कहते हुए अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की कि 24 जनवरी को एम्स में कुलदीप सेंगर के मोतियाबिंद का आपरेशन होना है। इस पर पीठ ने कहा कि एम्स दूसरी तारीख देगा।

जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए कहा

वहीं, सीबीआई ने याचिका का विरोध कर कहा, 20 दिसंबर को अंतरिम जमानत एक महीने के लिए बढ़ाते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आगे कोई विस्तार नहीं दिया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने सेंगर को 20 जनवरी को जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। 

इसके अलावा दुष्कर्म और दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में सजा निलंबित करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है, जोकि अदालत के समक्ष लंबित है।

अदालत के आदेश से कुलदीप समर्थकों में मायूसी

दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी है। यह फैसला आने के बाद उन्नाव में उनके समर्थकों में निराशा छा गई।

शाम से ही इंटरनेट मीडिया पर इसे लेकर सूचनाएं प्रसारित होने के साथ चर्चाएं तेजी से बढ़ गई थी। कुलदीप सिंह सेंगर दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद थे। जहां से उन्हें पिछले दिनों इलाज के लिए सशर्त अंतरिम जमानत मिली थी।

समर्थकों को उम्मीद थी कि अदालत उनकी जमानत बढ़ा देगी, लेकिन अदालत के फैसले ने उनकी उम्मीदों को धूमिल कर दिया है। इस फैसले के बाद उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थकों में मायूसी छा गई है।

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