सुलतानपुर में अदालत की अवहेलना मामले में तहसीलदार और लेखपाल तलब, अपर सिविल जज ने दिया था पेश होने का आदेश
सुलतानपुर में 1994 से चले आ रहे रास्ते के विवाद में न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए लम्भुआ तहसीलदार और पूर्व हल्का लेखपाल हरिवंश चौरसिया समेत संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर 22 सितंबर को तलब किया है।
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HighLights
सुलतानपुर में 1994 के रास्ते विवाद में न्यायालय की सख्ती।
तहसीलदार लम्भुआ, पूर्व लेखपाल हरिवंश चौरसिया को नोटिस जारी।
न्यायालय ने कथित अवमानना के मामले में 22 सितंबर को तलब किया।
संवाद सूत्र, भदैंया (सुलतानपुर)। वर्ष 1994 से चले आ रहे रास्ते के विवाद में न्यायालय ने सख्ती दिखा दिखाई है। तहसीलदार लम्भुआ, पूर्व हल्का लेखपाल हरिवंश चौरसिया समेत संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर 22 सितंबर को तलब किया है।मामला बरुई ग्राम पंचायत के बैजनाथ बनाम राम विशाल से संबंधित है। 1994 से यहां रास्ते का विवाद है।
शिकायतकर्ता राम विशाल के अनुसार 20 जुलाई 26 को तहसीलदार लम्भुआ प्रांजल त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर विवादित स्थल पर नाली खोदवाने की कार्रवाई कराई। इस दौरान पूर्व हल्का लेखपाल हरिवंश चौरसिया भी मौके पर मौजूद थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्तमान में हरिवंश चौरसिया उस हल्के के लेखपाल नहीं थे, बावजूद इसके वह उक्त कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे थे।
इसी मामले में न्यायालयीय आदेशों की कथित अवहेलना को लेकर अवमानना की कार्यवाही की गई। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों एवं लोगों के विरुद्ध आदेश पारित करते हुए नोटिस जारी किए हैं तथा उन्हें न्यायालय के समक्ष तलब कर जवाब मांगा गया है।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि जब वर्ष 1994 से रास्ते का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जा चुके हैं, तो विवादित स्थल की स्थिति में परिवर्तन करने वाली किसी भी कार्रवाई से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

