सुलतानपुर डॉक्टर घनश्याम तिवारी हत्याकांड: दो दोषियों को आजीवन कारावास, 1.90 लाख का जुर्माना
कोर्ट ने दोषियों पर 1.90 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जो मृतक की पत्नी को मिलेगा। पत्नी निशा तिवारी ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया। यह हत्या 23 ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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संवाद सूत्र, सुलतानपुर। चर्चित चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड मामले में मंगलवार को एडीजे प्रथम संध्या चौधरी ने दोषी अजय नारायण सिंह व दीपक सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 1.90 लाख रुपये अर्थदंड लगाया है।
मुख्य दोषी अजय नारायण सिंह पर 1.20 लाख रुपये व सहदोषी दीपक सिंह पर 70 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की पूरी धनराशि मृतक की पत्नी को मिलेगी। पत्नी निशा तिवारी ने कहा कि काेर्ट से मेरा भरोसा नहीं डिगा। आज मुझे न्याय मिला।
कोर्ट ने दोषियों पर लगाया 1.90 लाख रुपये अर्थदंड
मंगलवार को दोपहर बाद दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के साथ पुलिस ने करीब एक बजे जिला कारागार से लाकर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई। कहा कि, दोषियों ने निर्ममता पूर्वक डॉक्टर घनश्याम तिवारी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या की थी।
वहीं, बचाव पक्ष के ने दोषियों को कम से कम सजा देने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
23 सितंबर 2023 को डॉक्टर घनश्याम तिवारी की पीट-पीटकर की थी हत्या
जयसिंहपुर सीएचसी में संविदा चिकित्सक व लम्भुआ कोतवाली के सखौलीकला गांव के डॉक्टर घनश्याम तिवारी की हत्या 23 सितंबर 2023 को की गई थी। उनकी हत्या इसलिए हुई कि वह शास्त्रीनगर में आरोपित जगदीश नारायण सिंह से 50 लाख रुपये में ली गई दो बिस्वा भूमि पर कब्जा मांग रहे थे। भूमि का पूरा रुपया देने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं मिल रहा था। उनसे जमीन पर कब्जा देने के लिए 2.50 रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी।
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चिकित्सक को बुलाया और पीटा
मुख्य आरोपित अजय नारायण सिंह ने फोन कर अपने गांव नरायनपुर में चिकित्सक को बुलाया था। वहां पर रुपया देने से मना करने पर आरोपितों ने उन्हें पीट-पीटकर घायल कर दिया था और ई-रिक्शा पर लादकर घर भेज दिया था। गंभीर हालत वह घर पहुंचे थे। परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल ले गए थे। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था।
मामले में नरायनपुर गांव के अजय नारायण सिंह, उसके पिता जगदीश नारायण सिंह, चचेरे भाई विजय नारायण सिंह व मायंग गांव के ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
दो आरोपितों की हो गई मौत
हत्याकांड में आरोपित जगदीश नारायण सिंह व विजय नारायण सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो गई है। आरोपित विजय नारायण सिंह की सात अप्रैल 2024 को शहर के दरियापुर तिराहे पर अंबेडकरनगर जिले के शूटर अजय सिंह सिलावट ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि आरोपित जगदीश नारायण सिंह की स्वाभाविक मृत्यु हो गई है।