सोनभद्र में दूल्हे ने पालकी में निकाली बारात, दुद्धी में जीवंत हुई पुरानी शादी की परंपरा
सोनभद्र के दुद्धी में एक दूल्हे ने महंगी गाड़ी छोड़ पालकी में बारात निकालकर पुरानी परंपरा को जीवंत किया। इस अनोखी शादी ने लोगों का ध्यान खींचा और आधुन ...और पढ़ें

लग्जरी कारों के दौर में सादगी भरी अनोखी पहल बनी चर्चा का केंद्र। जागरण
HighLights
दूल्हे ने लग्जरी कार छोड़ पालकी चुनी।
दुद्धी के हरपुरा गांव में जीवंत हुई परंपरा।
साधारण शादी ने दिया सादगी का संदेश।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। आधुनिकता की चकाचौंध में जहां शादियां अब महंगी गाड़ियों और भव्य आयोजनों की प्रतिस्पर्धा बनती जा रही हैं, वहीं दुद्धी के हरपुरा गांव का एक दृश्य लोगों के दिलों को छू लिया। यहां एक दूल्हे ने परंपरा और सादगी को प्राथमिकता देते हुए लग्जरी कार छोड़ पालकी में सवार होकर अपनी बारात निकाली।
हरपुरा निवासी मुंन्द्रिका गुप्ता के पुत्र मनोज गुप्ता ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए यह अनूठा कदम उठाया। सजावट से सजी पारंपरिक पालकी में बैठकर जब बारात गांव से टड़हे (झारखंड) के लिए रवाना हुई, तो यह दृश्य देखते ही बन रहा था। राहगीरों के कदम थम गए, लोग अपने काम छोड़ इस अद्भुत नजारे को निहारने लगे। कई लोगों ने अपने मोबाइल में इस पल को कैद किया।
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यह दृश्य खासकर बुजुर्गों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। जिन्हें अपने समय की शादियां याद आ गईं, जब पालकी और बैलगाड़ी ही बारात की शान हुआ करती थीं।
मंगलवार को जब दूल्हा अपनी दुल्हन तारामणी के साथ पालकी में ही सवार होकर घर लौटा तो मानो बीते समय की झलक फिर जीवंत हो उठी। इस अनोखी पहल ने न सिर्फ लोगों को आकर्षित किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि परंपराओं की खूबसूरती आज भी दिलों में बसती है।