सोनभद्र के पीएचसी में अश्लील गाना बजाने से मना करने पर बुजुर्ग से मारपीट का आरोप
सोनभद्र के सतबहनी पीएचसी में अश्लील गाने बजाने से रोकने पर एक बुजुर्ग ग्रामीण के साथ मारपीट का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने डॉक्टर और स्टाफ पर शराब पार्ट ...और पढ़ें

सोनभद्र पीएचसी में डॉक्टर पर बुजुर्ग से मारपीट का आरोप ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन।
HighLights
पीएचसी में अश्लील गाने बजाने पर बुजुर्ग से मारपीट।
ग्रामीणों ने डॉक्टर व स्टाफ पर शराब पार्टी का आरोप।
सोनभद्र में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर डॉक्टर को हटाने की मांग।
जागरण संवाददाता, बभनी (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के सतबहनी गांव स्थित एडिशनल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार की रात अश्लील गाना बजाने और कथित रूप से हुड़दंग करने से मना करने पर एक बुजुर्ग ग्रामीण से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों ने पीएचसी में तैनात चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए सोमवार सुबह अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्सक को वहां से हटाने की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार रविवार रात करीब नौ बजे पीएचसी परिसर में चिकित्सक और अन्य स्टाफ शराब पार्टी कर रहे थे। इसके बाद तेज आवाज में साउंड लगाकर अश्लील गाने बजाए जाने लगे। बरवाटोला निवासी छन्नूलाल ने शोर-शराबा और अश्लील गाना बजाने से मना किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर चिकित्सक व अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी।
पहले भी अभद्रता का लगाया आरोप
सोमवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पीएचसी पहुंच गए और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सक के व्यवहार को लेकर पहले भी नाराजगी रही है। लालबहादुर, रामप्यारे और प्रमोद कुमार समेत कई लोगों से मारपीट व अभद्रता का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने पीएचसी परिसर में पड़ी शराब और बीयर की दर्जनों बोतलें दिखाते हुए जांच की मांग की। प्रदर्शन में छन्नूलाल, लालबहादुर, रामप्यारे, दीनानाथ, जगमनिया, देवेंद्र कुमार, फूलमती, उमेश कुमार, कृपाशंकर, जगोत्री देवी, हरिप्रसाद, दयाशंकर व धनुकधारी समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
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चिकित्सक डॉ. बसंत कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है और आरोप निराधार हैं। सीएचसी अधीक्षक डा. राजन सिंह ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। जानकारी प्राप्त करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी।