Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    राममंदि‍र के बाद सोनभद्र के ज्वालामुखी मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों की होगी उच्चस्तरीय जांच, पुजारी ने लगाए हैं गंभीर आरोप

    By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 11:56 AM (GMT+05:30)

    शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर, सोनभद्र में चढ़ावे और संपत्तियों के रखरखाव में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ...और पढ़ें

    सोनभद्र के ज्वालामुखी मंदिर में चढ़ावे और संपत्ति की उच्चस्तरीय जांच शुरू।

    सोनभद्र के ज्वालामुखी मंदिर में चढ़ावे और संपत्ति की उच्चस्तरीय जांच शुरू।

    HighLights

    1. ज्वालामुखी मंदिर, सोनभद्र में चढ़ावे की उच्चस्तरीय जांच।

    2. पुजारी हेमंत मिश्र की शिकायत पर जांच समिति गठित।

    3. मंदिर की संपत्तियों और आय-व्यय की होगी पड़ताल।

    जागरण संवाददाता, शक्तिनगर (सोनभद्र): शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर रानीबारी में चढ़ावे, दानपात्र, अमानती धनराशि और मंदिर की संपत्तियों के रखरखाव व आय-व्यय को लेकर लगाए गए आरोपों की अब उच्चस्तरीय जांच होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिलाधिकारी सोनभद्र ने जांच समिति गठित कर दी है।

    इस समिति का नेतृत्व जिला पर्यटन अधिकारी करेंगे, जो प्रकरण से जुड़े अभिलेखों और वित्तीय विवरणों की जांच करेंगे। मंदिर के प्राधिकृत पुजारी हेमंत मिश्र ने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में चढ़ावे, दानपात्र, अमानती धनराशि, स्वर्ण-रजत आभूषणों समेत मंदिर की अन्य संपत्तियों के रखरखाव और आय-व्यय में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

    letter3

    शिकायत में मंदिर से संबंधित अभिलेखों की स्थिति, चढ़ावे और अन्य संपत्तियों पर नियंत्रण तथा वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर हुई जांच का उल्लेख करते हुए पूर्व में दिए गए शिकायती पत्रों और जांच आख्या का भी संदर्भ दिया गया है।

    वर्ष 2018 में जिलाधिकारी के समक्ष शपथपत्र के साथ दी गई शिकायत का भी हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रकरण का संज्ञान लिए जाने के बाद जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित की है।

    खबरें और भी

    temple11

    समिति मंदिर के आय-व्यय से संबंधित अभिलेख, चढ़ावे और दानपात्र का विवरण, अमानती धनराशि, स्वर्ण-रजत आभूषण तथा अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। आवश्यकता के अनुसार संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर में सोनभद्र के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    ऐसे में मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों से जुड़ा मामला श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्राधिकृत पुजारी हेमंत मिश्र ने जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर की संपत्तियों और चढ़ावे की सुरक्षा के साथ ही पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

    अब प्रदेश में राम मंद‍ि‍र के बाद ज्वालामुखी मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों की जांच से संबंधित यह मामला न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को भी प्रभावित करता है। जांच समिति की कार्यवाही के परिणामों का सभी को इंतजार रहेगा। हालांक‍ि र‍िपोर्ट आने में काफी समय लगने का अनुमान जताया जा रहा है।