सीतापुर में डेढ़ दशक से खराब चार किलोमीटर लंबा बड़ागांव-मितौली मार्ग, 25 हजार की आबादी प्रभावित
सीतापुर में बड़ागांव से मितौली तक चार किलोमीटर संपर्क मार्ग डेढ़ दशक से खराब है, जिससे करीब 25 हजार आबादी प्रभावित है। ...और पढ़ें

HighLights
बड़ागांव-मितौली मार्ग डेढ़ दशक से खराब, 25 हजार प्रभावित।
सड़क पर गड्ढे, पत्थर निकले, आवागमन में भारी मुश्किल।
पहले चरण में 980 मीटर मरम्मत की कार्ययोजना तैयार।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। बड़ागांव से अब्बासपुर, परसेहरा होकर लखीमपुर के मितौली तक जाने वाला चार किलोमीटर संपर्क मार्ग डेढ़ दशक से खराब है। बसपा शासनकाल में बने इस मार्ग की आज तक मरम्मत तक नहीं कराई गई। मार्ग पूरी तरह उखड़ गया है, जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
मार्ग के पत्थर तक बाहर निकले हुए हैं। इससे राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो रहा है। किसानों से लेकर विद्यार्थी तक परेशान हैं। समस्या के कारण करीब 25 हजार आबादी प्रभावित है।
करीब बीस वर्ष पहले यह मार्ग जिला पंचायत से बनाया गया था। हरगांव विधायक रामहेत भारती की निधि से कार्यदाई संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने मार्ग का निर्माण किया था। बनने के पांच वर्ष बाद यह खराब हो गया था। इसके बाद से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। जिससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, नुकीले पत्थर बाहर निकले हुए हैं। मार्ग से निकलने वाले लोगों के लिए यह सजा से कम नहीं है। इस मार्ग से करीब बीस गांवों के लोग आवागमन करते हैं। अक्सर लोग चोटिल भी होते हैँ।
नुकीले पत्थरों से खराब होते वाहन
परसेहरा के शंकर सिंह बताते हैं कि गन्ना पेराई सत्र में निकलते समय ट्राली का पहिया पंचर हो जाता है। नुकीले पत्थर टायर खराब कर देते हैं। कमलेश कुमार कहते हैं कि कई बार मांग के बाद भी मरम्मत नहीं की जा रही है। रामनरेश ने कहा कि स्कूली छात्र साइकिलों से जाते हैं तो परेशान होते हैं। कई बार साइकिल का टायर खराब हो चुका है। अवनीश ने बताया सबसे अधिक समस्या स्कूल जाने वाले छात्रों को होती है। विद्यालय जाने के लिए यही मार्ग है। इससे समस्या होती है।
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मार्ग की हो रही उपेक्षा
रोहित ने कहा कि डेढ़ दशक से लोग समस्या से तंग हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से शिकायत की गई। मरम्मत को लेकर उपेक्षा की जाती रही। अब्बासपुर से मितौली को जोड़ने वाला यही निकट का मार्ग है। ऐसे में लोगों के सामने इससे आवागमन मजबूरी है।
पहले चरण में 980 मीटर मार्ग की कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मार्ग को बनवाया जाएगा। इसके बाद शेष मार्ग की कार्ययोजना बनेगी। पूरा मार्ग नया बनाया जाएगा।
संजय सिंह, अवर अभियंता जिला पंचायत