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    शामली मतांतरण मामला: आरोपियों के चार साल का इतिहास खंगालेगी पुलिस, रडार पर 50 से अधिक संदिग्ध

    Updated: Tue, 09 Jun 2026 01:34 AM (GMT+05:30)

    शामली मतांतरण प्रकरण में पुलिस आठ फरार आरोपियों, जिनमें तीन मौलाना शामिल हैं, की तलाश कर रही है और 50 से अधिक संदिग्धों की जांच में जुटी है। युवक आयुष ...और पढ़ें

    आरोपियों के चार साल का इतिहास खंगालेगी पुलिस। AI जेनरेटेड फोटो

    आरोपियों के चार साल का इतिहास खंगालेगी पुलिस। AI जेनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. पुलिस आठ फरार आरोपियों, तीन मौलानाओं की कर रही तलाश।

    2. 50 से अधिक संदिग्धों के बैंक खाते, मोबाइल जांचे जा रहे।

    3. आयुष मलिक ने 12 साल से इस्लाम अपनाने का किया दावा।

    जागरण संवाददाता, शामली। मतांतरण प्रकरण में फरार चल रहे तीन मौलाना समेत आठ आरोपितों की पुलिस तलाश कर रही है। युवक के पिता की ओर से कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी पुलिस को दिए गए हैं। पुलिस इसी आधार पर 50 से अधिक लोगों की जांच में जुट गई। वहीं, पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल फोन और सीसीटीवी आदि के अलावा पिछले चार सालों का इतिहास खंगालना शुरू कर दिया है।

    योग साधना केंद्र बघरा के स्वामी यशवीर ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि दवा व्यापारी देवराज मलिक के पुत्र और मेडिकल स्टोर संचालक आयुष मलिक को चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर मतांतरण करा दिया।

    साजिश के तहत फर्जी निकाहनामा तैयार कर युवक की करीब 60 से 70 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने का प्रयास किया जा रहा था, जिसमें से आरोपित अब तक करोड़ो रुपये वसूल चुके हैं।

    इसके बाद देवराज मलिक की तहरीर पर पुलिस ने चांदनी, उसके पिता समेत परिवार के सात लोगों, मौलाना मुन्नवर और दो अज्ञात मौलाना समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पिता ने पुलिस को बताया कि इसमें 30 से अधिक अन्य स्थानीय और बाहरी लोगों की भूमिका भी है, जिसके बाद पुलिस ने गोपनीय रूप से 50 संदिग्धों को रडार पर ले लिया है।

    रविवार को पुलिस ने चांदनी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को जेल भेज दिया था, जबकि फरार चल रहे तीन मौलाना समेत आठ आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें शामली, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद समेत कई ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने युवक की ओर से अभी तक कहां-कहां रुपये दिए, इसकी जांच के लिए बैंक खातों की डिटेल, मोबाइल फोन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

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    आयुष मलिक से मो. अय्यूब अली उर्फ मो. अली तक बनने के सफर में किस-किस का हाथ रहा, यह भी जांच में शामिल है। वहीं, पिता ने जिन आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, उनमें 2013 के दंगे में आरोपित भोला का नाम भी शामिल है। इन लोगों ने सालों तक आयुष का ब्रेनवाश किया। मेडिकल स्टोर पर बैठते-बैठते पाकिस्तानी मौलाना डॉ. इसरार की वीडियो देखकर धीरे-धीरे पूरे गिरोह के मतांतरण के खेल का शिकार हो गया।

    आयुष को मुस्लिम बस्ती, अंडा रेहड़ी समेत अन्य स्थानों पर लोग उसके वास्तविक नाम के बजाय मो. अय्यूब अली के नाम से पुकारने लगे थे। इकलौते बेटे के मतांतरण के बाद से ही माता-पिता सदमे में हैं, और लगातार बीमार चल रहे हैं।

    मां के लिए लवकुश और समाज के लिए मोहम्मद अय्यूब अली हूं मैं

    सोमवार को आयुष मीडिया के सामने आया। उसने कहा कि वह 12 सालों से इस्लाम को मानता है, लेकिन निकाह उसने चार साल पहले दिल्ली के पास एक मिलने वाले के घर में किया था। मां के लिए उसका आज भी नाम लवकुश और आयुष है। वह दस्तावेजों में आयुष मलिक है, और मुस्लिम समाज के लोग उसको मोहम्मद अय्यूब अली के नाम से जानते हैं। मोहम्मद अली, रहमान भी बोलते हैं।

    कहा कि मुझे जान की अब कोई फ्रिक नहीं, मेरी मौत इस्लाम के लिए ही होगी। बातचीत में उसने बताया कि उसके हाथ कांपते थे, तब उसे मुस्लिमों से पता चला कि अल्लाह का नाम लेने से यह नहीं होता, और हिम्मत आती है। आयुष ने बताया कि उसने युवती को गिफ्ट देकर निकाह के लिए मनाया था, चूंकि इस्लाम में निकाह करना जरूरी है।

    कहा कि मैं सब्र चाहता हूं, इस मुद्दे पर राजनीति न हो, मैं इस्लाम में हूं और इस्लाम में ही रहूंगा। नाम बदलने से कोई धर्म नहीं बदलता, यह अंदर से बदलता हैं। मैंने हजरत अली से प्रेरित होकर नाम मो. अय्यूब अली रखा है। मेरे लोग मुझे सालों से जानते हैं कि मैं मुस्लिम हूं।

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