उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या कर मंदिर में ही जला दिए शव, सुबह गांववालों के पहुंचने पर वारदात का पता चला
शाहजहांपुर के खुदागंज स्थित एक प्राचीन मंदिर में दो सेवादारों की हत्या कर उनके शव जला दिए गए।
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शाहजहांपुर के खुदागंज मंदिर में दो सेवादारों की हत्या कर शव जलाए गए।
मृतकों की पहचान गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है।
पुलिस को भूमि विवाद के चलते तीन स्थानीय लोगों पर हत्या का शक है।
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर परिसर में सेवादार गोपाल दास व बाबा बिहारी दास की हत्या कर दी गई। दोनों के शव भी जला दिए गए। सुबह ग्रामीण जब वहां पहुंचे तो जानकारी हुई।
शहर के अजीजगंज मुहल्ला निवासी गोपालदास कई वर्षों से खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर परिसर में सेवादार थे। गांव के ही दूसरे मंदिर पर सेवादार बाबा बिहारी दास रहते थे, लेकिन एक माह से वह भी गोपालदास के पास रहने लगे थे।
गांव के ही सुमित सिंह का इन दोनों सेवादारों के पास उठना बैठना था। सुमित करीब एक माह पहले ही जेल से छूटा था। वह मंदिर पर ही रहना चाहता था। जिस वजह से इन लोगों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका था। बताया जा रहा कि रात में इन लोगों के बीच मंदिर पर कब्जे को लेकर कहासुनी हुई थी।
घटना के बाद से फरार चल रहा सुमित
घटना के बाद से वह भागा चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, सुमित आपराधिक व नशेड़ी प्रवृत्ति का है जिस वजह से ज्यादातर लोग उससे दूरी बनाकर ही रहते थे। स्वजन ने जब उसकी जमानत कराई थी, तब विरोध भी किया गया था। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि गांव के ही सुमित का नाम प्रकाश में आया है। उसकी तलाश में तीन टीमें लगाई गई है।
