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    संतकबीर नगर में बिजली निजीकरण के खिलाफ कर्मियों का प्रदर्शन, आपूर्ति ठप होने का खतरा

    Updated: Fri, 13 Mar 2026 01:24 PM (IST)

    संतकबीर नगर में बिजली कर्मियों ने निजीकरण और संविदा कर्मियों की छंटनी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। नेताओं ने बताया कि 45 प्रतिशत संविदा कर्मियों क ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. बिजली कर्मियों का निजीकरण और छंटनी के खिलाफ धरना।

    2. 45% संविदा कर्मियों की छंटनी से आपूर्ति बाधित होगी।

    3. निजीकरण का उद्देश्य निजी घरानों को लाभ पहुंचाना है।

    जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का धरना जारी है। खलीलाबाद शहर के बैंक रोड स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में गुरुवार को शाम के चार बजे धरने पर बैठे कर्मियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

    विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति व नारायण चंद्र चौरसिया ने कहा कि निजीकरण की तैयारी में 45 प्रतिशत संविदा कर्मियोंं की छटनी से कर्मियों में आक्रोश है। इससे गर्मी में बिजली व्यवस्था लड़खड़ा जाएगी। इसके लिए पावर कारपोरेशन प्रबंधन जिम्मेदार होगा।

    संघर्ष समिति के पदाधिकारी श्रवण प्रजापति ने कहा कि अब तक प्रदेश में करीब 25 हजार संविदा कर्मियों को हटाया जा चुका है। पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि यह अमानवीय है। कर्मियों को बेरोजगार किया जा रहा है।

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    पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा कि बिजली के निजीकरण के पीछे वास्तविक उद्देश्य बिजली व्यवस्था का सुधार नहीं बल्कि निजी घरानों को लाभ पहुंचाना है।

    पदाधिकारी वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की दृष्टि से इस प्रकार की छटनी और निजीकरण की प्रक्रिया अत्यंत खतरनाक है। धरना-प्रदर्शन में रमेश प्रजापति,आशीष कुमार, भास्कर पांडेय,प्रदुम्न कुमार,विजय कुमार,संतोष गुप्ता, आर्यन कुमार,मनोज यादव सहित अन्य बिजली कर्मी उपस्थित रहे।
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