स्मार्ट मीटर वाले सावधान! बिना बताए उपभोक्ताओं का बढ़ाया जा रहा है बिजली लोड, इस महीने बढ़कर आएगा बिल
बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं का बिना सूचना के बिजली लोड बढ़ा दिया है, जिससे लगभग पांच हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। इससे उपभोक्ताओं क ...और पढ़ें

उपभोक्ताओं को मिले इस तरह के मैसेज
HighLights
अब हर महीने देना होगा अतिरिक्त फिक्स चार्ज, चुकानी होगी जमानत राशि
संवाद सहयोगी, चंदौसी (अमरोहा)। प्रीपेड मीटर की समस्या से उभरे उपभोक्ताओं के सामने फिर एक बार बिजली विभाग ने नई समस्या खड़ी कर दी है। विभाग ने उपभोक्ताओं का बिजली लोड बिना किसी पूर्व सूचना के सिर्फ एक मैसेज भेजकर बढ़ाना शुरू कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं में काफी रोष है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके घर में सामान्य खपत है, लेकिन विभाग ने उनका लोड बढ़ा दिया है।
जिले में अभी तक करीब पांच हजार उपभोक्ताओं का लोड बढ़ने की बात सामने आई है। इससे फिर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने लगी है। विभाग के इस कदम से उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ पड़ना तय है। अब उपभोक्ताओं को न सिर्फ हर महीने ज्यादा फिक्स चार्ज देना होगा, बल्कि बढ़ी हुई जमानत राशि का भुगतान भी इसी महीने के बिल के साथ करना होगा।
जिले में तीनों डिवीजन के 55 विद्युत उपकेंद्रों से विभिन्न श्रेणी के करीब 3.66 लाख उपभोक्ता है। इनमें से 1.28375 लाख एक किलोवाट और 1.67448 लाख उपभोक्ता दो किलोवाट क्षमता वाले हैं। इसके अलावा शेष ऊपर के उपभोक्ता है। करीब 75 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं।
जनपद में बढ़े लोड की बात करें तो बीते दिन से चार दिन में करीब पांच हजार से अधिक उपभोक्ता के लोड बढ़ाया गया, हालांकि विभाग के पास अभी स्पष्ट कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। आश्चर्य हैं कि उपभोक्ताओं को पूर्व में लोड बढ़ाने की कोई सूचना नहीं दी गई। सीधे मोबाइल पर मिले मैसेज से उन्हें जानकारी मिली है।
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विभाग की मानें तो भीषण गर्मी के कारण जिले में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे उपभोक्ताओं की खपत भी बढ़ी है। उपभोक्ताओं की खपत के आधार पर तीन माह में सबसे अधिक मांग के अनुसार विद्युत लोड बढ़ा दिया गया है। एसई हिमांशु वार्ष्णेय के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में कई उपभोक्ताओं के घरों में स्वीकृत लोड से कहीं अधिक बिजली का इस्तेमाल दर्ज किया गया है।
स्मार्ट मीटर और डिजिटल फीडिंग के जरिए विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया, जिनकी मांग स्वीकृत लोड को पार कर गई है। लोड अधिक होने से ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग बढ़ती है और ट्रिपिंग की समस्या होती है। इसी को दुरुस्त करने के लिए सिस्टम ने लोड को आटो-अपग्रेड कर दिया है। वहीं बिना सूचना के लोड बढ़ाने से उपभोक्ताओं में काफी नाराजगी है।
ऐसे समझिए तरीका
जैसे शहरी क्षेत्र में एक किलोवाट के कनेक्शन पर प्रत्येक माह 110 रुपये फिक्स चार्ज देना होता था। इसके अलावा रीडिंग के हिसाब से बिल बनता था, लेकिन अब लोड बढ़ने से फिक्स चार्ज बढ़ जाएगा। दो किलोवाट का लोड होने पर अब प्रत्येक महीने फिक्स चार्ज 220 रुपये चुकाना होगा।
इसके अलावा बढ़े लोड के हिसाब से 300 रुपये प्रति किलोवाट की जमानत राशि भी चुकानी होगी, जाेकि इस महीने बिल में जुड़कर आएगी। ऐसे में उपभाेक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। जमानत राशि और फिक्स चार्ज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं और श्रेणी के हिसाब से निर्धारित की गई है। पावर कारपोरेशन की ओर से यूनिट के अनुसार स्लैब तय है, लोड बढ़ने से उसमें भी अंतर आएगा।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बढ़े हैं लोड
अभी तक जिन उपभोक्ताओं के लोड बढ़ाए गए हैं, सभी के घरों पर स्मार्ट मीटर लगे है। स्मार्ट मीटर काफी एडवांस है, जो मुख्यालय से सीधे कनेक्ट हैं। प्रतिदिन की खपत और लोड आदि रोजाना की अपडेट मीटर से मिल जाती है। यही वजह है कि तीन महीने में उपभोक्ताओं ने सर्वाधिक लाइट का उपयोग किया, उसी के आधार पर लोड अपग्रेड हो गया।
यह होगा परिवर्तन
- लोड बढ़ते ही हर महीने बिल में जुड़कर आने वाला फिक्स चार्ज स्थाई रूप से बढ़ जाएगा
- जमानत राशि प्रति किलोवाट के हिसाब से बढ़ जाएगी, जिसको वर्तमान बिल में जोड़कर भेजा जाएगा
- शहरी घरेलू उपभोक्ता के प्रति किलोवाट 110 रुपये फिक्स चार्ज बढ़ेगा
पावर कारपाेरेशन की ओर से तीन माह में अधिकतम मांग के अनुसार लोड बढ़ाए गए है। जिले में भी उपभोक्ताओं के लोड बढ़े हैं। अगर किसी उपभोक्ताओं को लगता है कि खपत का गलत आकलन हुआ है, तो उसकी जांच कराई जाएगी।
- हिमांशु वार्ष्णेय, एसई, संभल
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