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    संभल हिंसा पर आयोग की रिपोर्ट में खुलासा: विदेश से 'जंगी ऐप' के जरिए शारिक साठा ने रची थी गोलीबारी की पटकथा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 07:23 PM (GMT+05:30)

    न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि संभल हिंसा की पटकथा शारिक साठा ने विदेश से 'जंगी ऐप' के जरिए रची थी। उसके निर्देशों पर गुलाम नवी ने हथिया ...और पढ़ें

    शारिक साठा फाइल फोटो

    शारिक साठा फाइल फोटो

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    1. जंगी ऐप से दिए निर्देश, हथियार जुटाए, साथियों ने संभाली गोलीबारी की कमान जैसे तथ्य आयोग की रिपोर्ट में

    संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में शारिक साठा की भूमिका को लेकर घटनाक्रम की एक अलग कड़ी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 में नकली पासपोर्ट बनाकर फरार होने के बाद शारिक साठा विदेश से अपनी गतिविधियां चला रहा था।

    24 नवंबर को होने वाले सर्वेक्षण को उसने संभल में अपना प्रभाव दोबारा कायम करने के अवसर के रूप में लिया। आयोग के अनुसार, शारिक ने प्रतिबंधित जंगी ऐप के जरिये अपने प्रमुख साथी गुलाम नवी को निर्देश दिया कि भीड़ में हथियारबंद लोगों को शामिल किया जाए। दो-चार लोगों और दो-चार पुलिसकर्मियों को मार दिया जाए, ताकि मामला राष्ट्रीय स्तर पर उठे और उसका प्रभाव फिर कायम हो।

    गुलाम नवी ने शारिक के निर्देश पर मुल्ला अफरोज और वारीश को अवैध हथियार उपलब्ध कराए। इसके बाद हुई गोलीबारी में चार लोगों की मृत्यु, एक व्यक्ति घायल और 28 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी घायल हुए। पुलिस ने 20 फरवरी 2025 को गुलाम नवी को गिरफ्तार किया।

    उसके पास मिले दो मोबाइल में एक शारिक की पत्नी रोशन जहां का बताया गया, जिसमें विदेशी नंबर था। उसकी जानकारी पर तीन पिस्तौल और एक देसी हथियार बरामद हुए। पूछताछ में गुलाम नवी द्वारा शारिक के निर्देश पर घटना को अंजाम देने और अफरोज व वारीश को हथियार देने की बात स्वीकार करने का उल्लेख रिपोर्ट में है।

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    इसके बाद पुलिस की जांच अफरोज और वारीश तक पहुंची, जहां हथियारों की बरामदगी के साथ घटनास्थल से मिले कारतूसों का बैलिस्टिक मिलान भी हुआ। आयोग ने अपने विश्लेषण में शारिक के इस प्रयास को उसके गिरोह के सदस्यों के जरिये अंजाम दिए जाने की बात कही है। हालांकि शारिक साठा को घटनास्थल पर देखने वाले किसी प्रत्यक्षदर्शी की गवाही रिपोर्ट में सामने नहीं आती है।

    साठा तक पहुंचने की पहली बड़ी कड़ी बना गुलाम नवी

    शारिक साठा की कथित भूमिका की जांच में गुलाम नवी की गिरफ्तारी अहम मोड़ बनी। 20 फरवरी 2025 को गिरफ्तार गुलाम के पास दो मोबाइल मिले, जिनमें एक शारिक की पत्नी रोशन जहां का बताया गया। उसमें विदेशी नंबर भी था।

    गुलाम की जानकारी पर तीन पिस्तौल और एक देसी हथियार बरामद हुए। पूछताछ में शारिक के निर्देश पर घटना कराने और अफरोज व वारीश को हथियार देने की बात स्वीकार करने का उल्लेख आयोग की रिपोर्ट में है।

    अफरोज ने स्वीकारी अयान और बिलाल को गोली मारने की बात

    शारिक साठा के कथित नेटवर्क में मुल्ला अफरोज की भूमिका जांच में सामने आई। उसे 19 जनवरी 2025 को 0.32 बोर की पिस्तौल और तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार अफरोज ने अयान और बिलाल को गोली मारने की बात स्वीकार की। घटनास्थल से मिले तीन कारतूसों का मिलान अफरोज की बरामद पिस्तौल से हुआ। एफएसएल आगरा की बैलिस्टिक जांच में इसकी पुष्टि का उल्लेख है।

    ऑडियो कॉल से सामने आई जामा मस्जिद के पीछे हथियार लाने की बात

    शारिक साठा से जुड़े मामले में वारीश की गिरफ्तारी के दौरान 315 बोर का देसी हथियार, कारतूस और दो मोबाइल मिले। एक मोबाइल में रिकार्डेड आडियो काल थी, जिसमें वारीश समीर से जामा मस्जिद के पीछे हथियार लाने के लिए कह रहा था। रिपोर्ट के अनुसार वारीश ने नईम और मोहम्मद कैफ को गोली मारने और वसीम को घायल करने की बात स्वीकार की। उसके हथियार से कारतूसों का मिलान भी हुआ।

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