'तुर्क की तुर्कई...' बयान का असर! संभल में धुना समाज को नमाज से रोकने वाले 4 आरोपी सलाखों के पीछे
संभल में धुना समाज के लोगों को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने के मामले में पुलिस ने मुतवल्ली समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मुख ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
धुना समाज के व्यक्ति ने तुर्क समाज के पांच लोगों पर दर्ज कराया था मामला
जागरण संवाददाता, संभल। ऐंचोड़ा कम्बोह के गांव माडली समसपुर स्थित मस्जिद में धुना समाज के लोगों का बहिष्कार करते हुए नमाज नहीं पढ़ने देने के प्रकरण में पुलिस ने मुतवल्ली सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 18 जुलाई को बहजोई में जनसभा दौरान दिए गए 'संभल में तुर्क की तुर्कई नहीं चलेगी' वाले बयान के बाद ऐंचोड़ा कंबोह के गांव माडली समसपुर की एक मस्जिद में तुर्क समाज द्वारा धुना समाज के परिवारों को मस्जिद में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में 24 जुलाई को मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद, शाने आलम, आमिर, भोलू और हाफिज मारूफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
यह रिपोर्ट धुना समाज के गांव निवासी वसीम ने कराई थी। उन्होंने कहा था कि वह देवबंदी मसलक से जुड़े हैं और धुना समाज के हैं। समाज के पांच-छह परिवार गांव में रहते हैं, जबकि गांव की अधिकांश आबादी तुर्क समाज की है।
गांव की करीब 120 वर्ष पुरानी बड़ी मस्जिद में वर्षों से देवबंदी और बरेलवी मसलक के लोग एक साथ नमाज अदा करते रहे हैं, लेकिन अब बरेलवी मसलक से जुड़े तुर्क समाज के लोग उन्हें उनकी परंपरा के अनुसार नमाज अदा करने से रोक रहे हैं और अपने तरीके से धार्मिक गतिविधियां संचालित करने का दबाव बना रहे हैं।
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धुना समाज में पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है, जबकि तुर्क समाज दिन में छह बार नमाज अदा करने का दबाव बना रहा है। यह विवाद करीब ढ़ाई साल पुराना है लेकिन, तब थानाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया था।
कई महीनों तक सब समझौते के अनुसार चलता रहा लेकिन विगत तीन जुलाई को आरोपितों ने उनसे कहा कि वह न तो यहां नमाज पढ़ सकता है और न ही कोई और नमाज पढ़ेगा।
इसके बाद आरोपितों ने उसका बहिष्कार करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। थानाध्यक्ष शाह फैसल ने बताया कि इस प्रकरण में मुतवल्ली अतीक अहमद, शाने आलम, आमिर और हाफिज मारूफ का गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।