संभल के दियौरा खास में बनेगा 'महर्षि चरक वन', बहट करन में बंदरों के लिए लगेगा 'कपि वन'
संभल जिले में वन विभाग पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन के लिए महर्षि चरक वन और कपि वन विकसित कर रहा है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दियौरा खास में महर्षि चरक वन में लगेंगे औषधीय पौधे।
बहट करन में कपि वन बंदरों के लिए फलदार वृक्षों से।
अवैध कब्जे से मुक्त भूमि पर हो रहा है यह पौधरोपण।
शिवाकर शर्मा, चंदौसी। जिले में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन को लेकर वन विभाग एक अनूठी पहल करने जा रहा है। इसके तहत चंदौसी तहसील क्षेत्र के गांव दियौरा खास में दो हेक्टेयर भूमि पर महर्षि चरक वन और गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव बहट करन के पास एक हेक्टेयर भूमि पर कपि वन (बंदरों के लिए जंगल) विकसित किया जाएगा।
इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात यह है कि इन दोनों वनों के लिए चिन्हित भूमियों को बीते दिनों ही प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त कराकर संरक्षित किया गया था।
संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) प्रीति यादव ने बताया कि चंदौसी तहसील क्षेत्र के दियौरा खास में दो हेक्टेयर भूमि पर महर्षि चरक वन की स्थापना की जाएगी। इस विशेष वन में तमाम प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इस वन के विकसित होने से जहां एक ओर विलुप्त हो रहीं औषधीय प्रजातियों का संरक्षण होगा, वहीं आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के प्रति लोगों की जागरूकता भी बढ़ेगी।
वहीं दूसरी ओर गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव बहट करन -भिरावटी मार्ग पर एक हेक्टेयर भूमि पर कपि वन तैयार किया जा रहा है। शहर और ग्रामीण इलाकों में बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने के लिए यह कदम बेहद कारगर साबित होगा। इस कपि वन में विशेष रूप से बंदरों के अनुकूल फलदार पौधे और वृक्ष लगाए जाएंगे।
आने वाले दिनों में आबादी वाले इलाकों से बंदरों को पकड़ कर इसी कपि वन में छोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें प्राकृतिक माहौल में ही पर्याप्त भोजन मिल सकेगा और वे आबादी का रुख नहीं करेंगे। जिन जमीनों पर ये दोनों वन बसाए जा रहे हैं, उन पर लंबे समय से भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों का अवैध कब्जा था।
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बीते दिनों राजस्व की संयुक्त टीम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इन भूमियों को कब्जा मुक्त कराया था। अब इस खाली जमीन का उपयोग पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और जनहित के कार्यों के लिए किया जा रहा है।
आम बहार आपके द्वार अभियान के तहत वितरण होंगे पौधे
वन विभाग ने एक जुलाई से सात दिवसीय वन महाेत्सव शुरू कर दिया है। इस बर वन विभाग आम बहार-आपके द्वार अभियान के तहत हर ब्लाक क्षेत्र में आम भंडारा आयोजित कर आम की देशी और अन्य प्रजातियों के पौधों का निशुल्क वितरण करेगा।
डीएफओ ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान पौधरोपण के महत्व को लेकर व्यापक जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। लोगों को पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त परिवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके साथ ही वितरित किए जाने वाले पौधों के रोपण और उनकी देखभाल के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इस बार फलदार वृक्षों, विशेषकर आम की देशी प्रजातियों के अधिक से अधिक रोपण पर विशेष जोर दिया है।
सामाजिक समरसता वन बसेगा
डीएअओ ने बताया कि गांव पाठकपुर में सामाजिक समरसता वन विकसित किया जाएगा। दो हेक्टेयर में विकसित होने वाले इस वन में विभिन्न प्रजातियों के 3200 पौधे लगेंगे। समरसता वन विकसित करने का उद्देश्य मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में सद्भाव, समता और भाईचारे का प्रसार करना है।
वन महोत्सव शुरू हो गया है। जनपद में इस बर महर्षि चरक, सामाजिक समरसता और कवि वन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। जल्द ही पौधरोपण शुरू किया जाएगा।
-प्रीति यादव, डीएफओ संभल