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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उपद्रवियों के खतरनाक थे इरादे, पुलिस से आरपार करने की थी तैयारी, संभल ह‍िंसा मामले में सनसनीखेज खुलासा

Updated: Fri, 29 Nov 2024 04:13 PM (IST)

Sambhal Shahi Jama Masjid Case संभल में 24 नवंबर को एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव के जामा मस्जिद की वीडियोग्राफी कराने के दौरान भीड़ ने सुनियोजित तरीके से ...और पढ़ें

उपद्रव के दौरान पुलिस को ललकारते बवाली और उनका सामना करते एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई।- जागरण
उपद्रव के दौरान पुलिस को ललकारते बवाली और उनका सामना करते एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई।- जागरण

HighLights

  1. कई मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग और चैटिंग से पुलिस को मिली जानकारी
  2. पुलिस के साथ सर्विलांस और एसओजी की टीम खंगाल रही ब्यौरा

शिव कुमार कुशवाह, संभल। संभल में 24 नवंबर (रविवार) को भीड़ के इरादे खतरनाक थे। उन्होंने पुलिस लिखे वाहनों को तो निशाना बनाया ही, आगजनी, फायरिंग व पथराव कर पुलिस से आरपार की लड़ाई की तैयारी में भी थे। कुछ लोगों ने युवाओं को भी हिंसा के लिए भड़काया था। पुलिस को गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के अलावा कॉल रिकॉर्डिंग व चैटिंग से भी सनसनीखेज जानकारी मिली है। गनीमत रही, पुलिस ने स्थिति को भांपकर समय रहते मोर्चा ले लिया। इस वजह से भीड़ को रोक लिया गया। फिलहाल, पुलिस अब तक 700 से अधिक उपद्रवियों को चिह्नित कर चुकी है। इनमें ढाई सौ से अधिक के फोटो जारी किए जा चुके हैं।

24 नवंबर को एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव के जामा मस्जिद की वीडियोग्राफी कराने के दौरान भीड़ ने सुनियोजित तरीके से तीन ओर से हमला बोला था। इसकी सात अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। एक प्राथमिकी में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 22 लोगों को नामजद कराया गया है। इसके अलावा 3750 से अधिक अज्ञात हैं। पुलिस अब तक तीन महिलाओं सहित 31 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनके मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस को गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इसके अलावा उनके मोबाइल में हिंसा से जुड़ी रिकॉर्डिंग और चैटिंग भी मिली है। इसमें दूसरे लोगों को जामा मस्जिद पर बुलाने की बात कही जा रही है। उन्हें असलाह साथ लाने को भी उकसाया गया है। इसके अलावा जामा मस्जिद में तोड़फोड़ होने की अफवाह भी फैलाई गई। जिससे बड़ी युवाओं को भी जुटाया गया। 30 से अधिक पुलिसकर्मी पथराव और फायरिंग में घायल भी हुए।

रविवार को पुलिस के वाहनों को आग लगाने, फायरिंग और पथराव से यह सुनियोजित साजिश जाहिर भी हो रही है। योजना के तहत ही भीड़ तीन ओर से एक साथ जामा मस्जिद की ओर बढ़ी। ताकि पुलिस एक ओर की भीड़ रोकती, तो दूसरी ओर की भीड़ सर्वे टीम और पुलिस पर हमला बोल देती।

बातचीत का ऑडियो वायरल... सामान लगा के लईए

संभल हिंसा का एक कॉल रिकार्डिंग का ऑडियो भी सामने आया है। इसमें समीर नाम का व्यक्ति दो लोगों से बात कर रहा है। वह लोगों को बुला रहे हैं और सामान लेकर आने की बात कर रहा है। यहां सामान को असलहा से माना जा रहा है। हालांकि, दैनिक जागरण ऐसे किसी ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।

ऑडियो में यह है बातचीत...

वारिस : किधर है भाई, यह बता...

समीर (कॉलर) : सामान लगा के लईए...

वारिस : है किधर...

समीर : जामा मस्जिद के थोड़ा इधर...

वारिस : किधर...

समीर : जहां जुबैर भाई का घर है...फिर सुभान नाम के दूसरे व्यक्ति से बात होती है

समीर : सुभान भाई.. ऐसा है अपने मोहल्ले से जितने को ला सकते हो, ले आओ, जामा मस्जिद पर...दोबारा मामला बिगड़ गया है...पब्लिक ही पब्लिक है...

सिर्फ दो लोगों से उजागर हुए 65 से अधिक उपद्रवियों के नाम

बुधवार रात संभल कोतवाली पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें दोनों ने 65 से अधिक ऐसे नाम बताए जो हिंसा में शामिल थे और पथराव-आगजनी कर रहे थे। वाहनों में आग लगाने वाले लोगों के नाम भी सामने आए हैं।

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