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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गलियों में सन्नाटा, हर किसी के जहन में नेता के जाने का दर्द... BJP के गुलफाम सिंह यादव की हत्या के बाद गांव का हाल

Updated: Tue, 11 Mar 2025 07:43 AM (IST)

Sambhal News भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की हत्या से उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई उनके जाने से दुखी है। गांव की गलियां सुनसान हैं और लो ...और पढ़ें

Sambhal News: भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की फाइल फोटो।
Sambhal News: भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की फाइल फोटो।

HighLights

  1. हत्या के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल
  2. करुण विलाप, बच्चों की सिसकियां, गांव में शोक की लहर
  3. अब कौन करेगा मदद

संवाद सूत्र, जागरण, जुनावई/संभल। गुन्नौर तहसील के दबथरा हिमांचल गांव में सोमवार को जैसे ही खबर फैली कि भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की हत्या कर दी गई, पूरे गांव में मातम पसर गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जो शख्स बरसों से गांव की सेवा में तत्पर था, जिसे हर बुजुर्ग अपने बेटे की तरह चाहता था और हर युवा अपना मार्गदर्शक मानता था, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा।

गांव ने शिक्षक दीपक यादव बताते हैं कि वह एक नेता नहीं, बल्कि गांव के हर व्यक्ति के सहारे थे। मृदु हृदय और सरल स्वभाव के कारण हर कोई उनसे जुड़ा महसूस करता था। वह किसी को छोटा-बड़ा नहीं समझते थे, सबके साथ समान व्यवहार करते थे। कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर उनके पास जाता, तो वह उसे अपना मामला समझकर हल कराने में जुट जाते।

कोर्ट-कचहरी से लेकर थाने तक, राजनीतिक मामलों से लेकर पारिवारिक झगड़ों तक, वह हर किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। यही वजह थी कि आज पूरा गांव उनके जाने से खुद को असहाय महसूस कर रहा था।

भाजपा नेता की हत्या के बाद घर पर विलाप करते स्वजन। जागरण

गांव की गलियां में सन्नाटा

गांव की गलियां जो हर रोज चहल-पहल से भरी रहती थीं, आज सुनसान पड़ी थीं। सड़क के दोनों ओर सन्नाटा पसरा था, और जो भी गुजर रहा था, उसकी आंखें नम थीं। लोगों के चेहरे पर गहरा दुख था, हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल-आखिर उन्हें क्यों मारा गया? गुलफाम सिंह के घर के बाहर भारी भीड़ जुटी थी। लेकिन यह कोई आम भीड़ नहीं थी, यह शोक में डूबे उन लोगों का हुजूम था जो अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। आंगन में परिवार की महिलाएं बिलख-बिलख कर रो रही थीं।

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उनकी पत्नी गहरे सदमे में थीं, किसी को समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें कैसे संभाला जाए। उनके करुण विलाप से हर किसी की आंखें नम हो रही थीं। स्वजन की आंखों में गुस्सा और दर्द दोनों झलक रहे थे।

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बच्चे नाना को कर रहे याद

उनके दामाद धनारी निवासी गुड्डू यादव बताते हैं कि घर के भीतर की स्थिति और भी हृदयविदारक थी। हर कोने में मातम पसरा था। उनके बेटियों के छोटे बच्चे बार-बार पूछ रहे थे, नाना जी कब आएंगे? लेकिन कोई भी उन्हें जवाब देने की स्थिति में नहीं था। हर जवाब सिसकियों और आंसुओं में डूबा जा रहा था। गांव के बुजुर्ग सिर झुकाए बैठे थे, मानो उन्होंने कोई अपना खो दिया हो। युवा साथी जो हमेशा उनके साथ रहते थे, उनके नाम की जय-जयकार करने वाले लोग आज चुपचाप दीवारों से टिके खड़े थे। कुछ के हाथ जुड़े हुए थे, कुछ की आंखें आसमान की ओर थीं, मानो भगवान से इंसाफ की गुहार लगा रहे हों।

सीसीटीवी के जरिए पुलिस को हाथ लगे अहम सुराग

भाजपा नेता को इंजेक्शन लगाने के बाद फरार हुए तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सूचना के बाद ही काम शुरू कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने एक और जहां मौके से साक्ष्य एकत्रित किए आरोपितों के द्वारा मौके पर छोड़े गए हेलमेट से भी फिंगरप्रिंट लिए। मौके से सिरिंज को भी बरामद कर लिया है और अन्य साक्ष्य के अंतर्गत कुर्सी से भी फिंगरप्रिंट लिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज भी तलाशी गई

दावा किया जा रहा है कि कुछ सीसीटीवी कैमरा में बाइक सवार लोग जुनावई में पहुंचे हैं और जहां एक दुकान पर भी रुकने की बात कही जा रही है, जहां मैकेनिक के यहां बाइक को मरम्मत कराने बात सामने आई है, हालांकि कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि संभावित उनके द्वारा अपनी बाइक के नंबर प्लेट भी बदली गई होगी। जिससे कि वह सीसीटीवी कैमरे में होने वाली पहचान से बच सकें। बताया जा रहा है कि वह घटना करने के बाद जुनावई नरौरा मार्ग तिराहे की रास्ता से फरार हो गए। पुलिस फिलहाल शुरुआती जांच में मजबूत साक्ष्य हाथ लगने का दावा कर रही है।