युवक के पास थे पांच रुपये के पुराने ट्रैक्टर वाले 37 नोट, ठग ने 25 लाख देने का झांसा दे 30 लाख ठग लिए
सहारनपुर में साइबर ठगों ने पुराने ट्रैक्टर वाले नोटों के बदले लाखों रुपये दिलाने का झांसा देकर एक रिटायर्ड कर्मचारी के परिवार से करीब 30 लाख रुपये ठग ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
रिटायर्ड कर्मचारी का परिवार पुराने नोटों के झांसे में फंसा।
साइबर ठगों ने 30 लाख रुपये की बड़ी ठगी की।
सहारनपुर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। ठगी का एक और मामला सामने आया है। साइबर ठग ने पांच रुपये के पुराने ट्रैक्टर वाले नोट के बदले 25.50 लाख रुपये दिलाने का झांसा देकर रिटायर्ड गन्ना विभाग कर्मचारी के परिवार से करीब 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठगों ने पहले कंपनी में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 520 रुपये जमा कराए। इसके बाद अलग-अलग लोगों और बैंक खातों के जरिए लगातार रकम जमा कराई गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गांव रंडोल निवासी राकेश ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत देते हुए पुलिस को बताया कि उसके बेटे के पास पांच रुपये के पुराने ट्रैक्टर वाले 37 नोट हैं, जिसकी जानकारी उसने इंटरनेट मीडिया पर दी थी। इसी सिलसिले में उसके मोबाइल नंबर पर हैदराबाद के ओल्ड काइन कंपनी लिमिटेड से जुड़े लोगों ने संपर्क किया। विक्रम सिंह राठौर नाम के व्यक्ति ने खुद को इंडियन काइन कंपनी का डीलर और मुंबई का रहने वाला बताया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके बेटे को बताया गया कि उसके पास मौजूद पांच रुपये के ट्रैक्टर वाले पुराने 37 नोट के बदले 25.50 लाख रुपये मिल सकते हैं। इसके लिए वाट्सएप पर नोट की फोटो और आधार कार्ड की जानकारी भेजने को कहा गया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 520 रुपये जमा कराए। इस दौरान मोबाइल पर दूसरे व्यक्ति ने बेटे से बातचीत की, जिसने खुद को कंपनी चेयरमैन के तौर पर लखनऊ के गोमतीनगर निवासी पंकज सिंह भदौरिया बताया। बाद में पता चला कि इसी नाम का इस्तेमाल कर पहले भी आठ से 10 लाख रुपये की ठगी की जा चुकी है।
इस संबंध में लखनऊ साइबर ब्रांच में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिली। इसके बाद विक्रम सिंह राठौर ने संपर्क किया तो उसने अपना नाम और पता अलग-अलग तरीके से बताया। उसने शिकायतकर्ता के बेटे को डराया-धमकाया। बेटे को कहा गया कि उसके पिता का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज उनके पास जमा हैं और अगर पैसा नहीं दिया गया तो उसके पिता को जेल हो जाएगी। इस तरह डराकर और दबाव बनाकर अलग-अलग नामों से खोले गए बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। इस तरह आरोपितों ने परिवार के 30 लाख रुपये की ठगी कर ली।