यूं दुनिया से विदा हो गया बेसहारा पशु-पक्षियों का पालनहार, जनपद में शोक की लहर... लोग बोले-अपूर्णीय क्षति
सहारनपुर के प्रसिद्ध समाजसेवी और बेसहारा पशु-पक्षियों के पालनहार सुनील जैन राना का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से जनपद में शोक की लहर है ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
सहारनपुर के समाजसेवी सुनील राना का निधन।
बेसहारा पशु-पक्षियों के लिए समर्पित थे राना।
दया सिंधु जीव रक्षा केंद्र का संचालन किया।
जागरण संवाददाता सहारनपुर। सहारनपुर के सच्चे समाजसेवी, विनम्रता की प्रतिमूर्ति, साहित्य और समाज के प्रति समर्पित सुनील जैन राना का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। राना बेसहारा, लावारिस व आवारा पशु पक्षियों के पालनहार माने जाते थे।

सुनील जैन राना काफी समय से कैंसर की भयंकर बीमारी से जूझ रहे थे, गत देर रात उनका दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। राना के निधन से जिले में शोक की लहर है तथा लोग इसे अपूर्णीय क्षति करार दे रहे है। राना मसाला उद्योग के स्वामी सुनील जैन राना का जीवन बेहद सादगी भरा था। लावारिस व आवारा पशु पक्षियों के उपचार के लिए उन्होंने दया सिंधु जीव रक्षा केंद्र का संचालन किया हुआ था जहां हजारों की संख्या में पशु पक्षियों का उपचार करने के साथ ही उनके रहने खाने दवा आदि की व्यवस्था करते थे।
राना संस्था के साथ वर्ष में दो बार पशु पक्षी पखवाड़ा चलाते थे, इस दौरान सड़कों पर आवारा कुत्तो, बेल्ट लगाने से घायल घोड़ों आदि का उपचार करते थे। वह जैन समाज के बच्चों को धर्म के बारे में जागरूक करने में अग्रणी भूमिका निभाते थे। राना के निधन पर जैन समाज में भी शोक का माहौल है। राना अनेक साहित्यिक और सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय थे तथा साहित्यिक विभावरी के संरक्षक मंडल के सदस्य थे।
सुनील जैन राना के निधन पर विभावरी परिवार ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सचिव डा. विजेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि सुनील जैन राना अत्यंत शालीन और ईश्वर में आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। हरिराम पथिक ने उन्हें अच्छा संस्मरण लेखक और हाइकुकार बताया। अध्यक्ष डा. राम विनय शर्मा, विनीत राय जैन, आदेश कुमार, जेके तायल, डा आरपी सारस्वत और राम कुमार शर्मा ने उनके निधन को मानवता की अपूर्णीय क्षति कहा। साथ ही कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपनी शरण में लेते हुए ,परिजनों, संबंधियों एवं मित्रों को यह मर्मान्तक बिछोह सहन करने की क्षमता प्रदान करें। दो मिनट का मौन रखकर हुतात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।