सुसाइड नोट में ताऊ पर आरोप, फिर बेटे ने हलफनामा देकर बताया बेगुनाह; रामपुर के मर्डर केस में पुलिस भी चकराई
रामपुर में किसान की आत्महत्या के मामले में पुलिस उलझन में है क्योंकि बेटे ने पहले नौ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया, फिर हलफनामा देकर चार को बेगुनाह बता ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज है।
HighLights
पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीन आरोपितों को छोड़ा, बार-बार बयान बदलने से विवेचना भी हो रही प्रभावित
जागरण संवाददाता, रामपुर। शाहबाद क्षेत्र में बेटी से छेड़छाड़ के बाद आरोपितों द्वारा समझौते का दबाव बनाने से आहत किसान की हत्या के मामले में पुलिस भी पशोपेश में पड़ गई है। पिता की हत्या के लिए नौ लोगों को नामजद करने वाले मृतक के बेटे ने अब चार हत्यारोपितों के पक्ष में शपथपत्र देकर उन्हें बेगुनाह बताया है। ऐसे में पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों आरोपितों को छोड़ दिया है।
पीड़ित पक्ष के बार-बार बयान बदलने से विवेचना भी प्रभावित हो रही है। रविवार को बेटी से छेड़छाड़ के मामले में समझौते का दबाव बनाए जाने से आहत पिता ने सीने में गोली मारकर जान दे दी थी। मृतक के लोवर की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था।
इसमें उसने छेड़छाड़ के प्रकरण में समझौते का दबाव बनाए जाने की बात कहते हुए अपने बड़े भाई समेत पांच लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। आत्महत्या प्रकरण की विवेचना भी क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की थी।
हालांकि, मृतक के बेटे ने अपने ताऊ-ताई व उनके बेटे समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं पुलिस ने आरोपितों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश देकर नामजद तीन आरोपितों को हिरासत में ले लिया था।
उनसे की गई पूछताछ में हत्या का कोई ठोस साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लगा। वहीं, मंगलवार दोपहर में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाला मृतक का बेटा अपनी बहन व मां के साथ एसपी अनिल सिसौदिया के कार्यालय पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
उनसे चार शपथपत्र सौंपकर एसपी से कहा कि उसने नौ लोगों में चार लोगों को गलतफहमी के चलते नामजद कर दिया है, जबकि उनका हत्या से कोई लेनादेना नहीं है। इनमें उसके ताऊ, ताई और उनके बेटे के अलावा एक अन्य अभियुक्त शामिल हैं।
एसपी ने विवेचना में शपथपत्र को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसकी जानकारी होने पर हिरासत में लिए गए तीनों आरोपितों को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया है। एक ही मामले में बार-बार बयान और परिस्थितियां बदलने से पुलिस भी चकरा गई है।
इसकी वजह यह है कि मृतक ने सुसाइड नोट में जहां आत्महत्या की बात कही है वहीं मृतक के बेटे ने नौ लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। अब इनमें से चार आरोपितों को निर्दोष बता दिया है।
निर्दोष बताए गए लोगों में उसके ताऊ का नाम भी शामिल है जबकि, मृतक ने सुसाइड नोट में उनका नाम लिखा है। ऐसे में पुलिस की विवेचना भी भटक गई है।
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि पुलिस प्रकरण की गहराई से जांच के बाद ही साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाएगी। इसके लिए फारेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।

