UPTET 2026 : डीएलएड अंतिम वर्ष के अभ्यर्थी भी कर सकेंगे आवेदन, टीईटी पात्रता-कटऑफ और अन्य विवरण भी जान लें
UPTET 2026 उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग यूपीटीईटी का आयोजन कर रहा है, जिसमें डीएलएड अंतिम वर्ष के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के ...और पढ़ें

UPTET 2026 : डीएलएड अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, वे भी आवेदन कर सकेंगे।
HighLights
यूपीटीईटी के लिए उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की वेबसाइट पर 27 मार्च से होंगे आवेदन
सामान्य वर्ग के लिए 90 तथा एससी, एसटी, ओबीसी व अन्य के लिए कटआफ अंक 82
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। UPTET 2026 पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का आयोजन करा रहे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक टीईटी के लिए अर्हता निर्धारित की है। यूपीटीईटी में उन अभ्यर्थियों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है, जो दो वर्षीय डीएलएड (बीटीसी) के अंतिम वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं या उत्तीर्ण हैं।
इन अभ्यर्थियों को भी आवेदन का मिला मौका
UPTET 2026 न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट अथवा इसके समकक्ष तथा चार वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में स्नातक (बीएलएड) के अंतिम वर्ष में शामिल या उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे। 150-150 अंकों की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक की टीईटी अलग-अलग कराई जाएगी, जिसमें 150-150 प्रश्न होंगे। इस तरह प्रत्येक प्रश्न एक अंक के होंगे। परीक्षा ढाई घंटे की होगी।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कितना अंक आवश्यक?
शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कटआफ अंक की सूचना भी जारी की है। 150 अंक के पूर्णांक में से 90 अंक अर्थात 60 प्रतिशत या इससे अधिक प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसी तरह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), ईडब्ल्यूएस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक व दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्हक अंक 55 प्रतिशत अर्थात 82 अंक निर्धारित किया गया है।
निर्धारित से कम अंक पाने वाले अनुत्तीर्ण
निर्धारित से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी अनुत्तीर्ण माने जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे। नकारात्मक मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र का माध्यम हिंदी तथा अंग्रेजी (भाषा के विषयों को छोड़कर) होगा।
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अधिक आवेदन पर कई पालियों में हो सकती है परीक्षा
परीक्षा के लिए जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यदि आवेदन पत्रों की संख्या अधिक होती है, तब सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा एक दिन एक ही पाली में कराया जाना सुविधाजनक नहीं होगा। ऐसी स्थिति में एक दिन में एक से अधिक पालियों में परीक्षा कराई जा सकती है। एक से अधिक पालियों में परीक्षा होने पर अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए स्कोर के नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया लागू की जाएगी।
आजीवन रहेगी प्रमाणपत्र की वैधता
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र की वैधता सभी श्रेणियों के लिए परिणाम जारी किए जाने की तिथि से आजीवन प्रभावी रहेगी। आयोग ने पात्रता प्रमाणपत्र का वितरण इलेक्ट्रानिक माध्यम (डीजी लाकर) के माध्यम से दिए जाने का निर्णय लिया है।