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रोडवेज कर्मियों का 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन, प्रयागराज डिपो के कर्मी सड़क पर उतरे

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 09 Oct 2025 05:19 PM (IST)Updated: Thu, 09 Oct 2025 06:26 PM (IST)

उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रयागराज में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शासन पर वादाखिलाफी ...और पढ़ें

प्रयागराज में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। जागरण

प्रयागराज में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। जागरण

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने अपनी 12 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय, राजापुर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। सभी डिपो में जन जागरण अभियान चलाने के बाद रोडवेज कर्मचारी अब सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने शासन की वादा खिलाफी के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और मांगों को शीघ्र लागू करने की मांग की।

क्षेत्रीय कार्यशाला व प्रशासनिक कार्यालय के सैकड़ों कर्मचारी हुए शामिल

धरना में मीरजापुर, प्रतापगढ़, लालगंज, सिविल लाइंस, प्रयाग, लीडर रोड, जीरो रोड, मंझनपुर डिपो, क्षेत्रीय कार्यशाला झूंसी और प्रशासनिक कार्यालय राजापुर से सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। क्षेत्रीय मंत्री उमाशंकर मौर्य ने सभी रोडवेज कर्मियों से एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री उमाशंकर मौर्य ने कहा, शासन की वादाखिलाफी ने हमें यह कड़ा कदम उठाने को मजबूर किया है। पांच जुलाई 2025 को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, विशेष सचिव केपी सिंह और प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर के साथ उच्च स्तरीय वार्ता में हमारी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह कर्मचारियों के साथ विश्वासघात है। हमारी मांगें जायज हैं, और जब तक इन्हें पूरा नहीं किया जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

कर्मचारियों की क्या हैं मांगें

कर्मचारियों की 12 सूत्रीय मांगें यह हैं। वर्ष 2001 तक के संविदा कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति, संविदा कर्मचारियों के लिए ईपीएफ और ईएसआइ सुविधा, सेवा नियमावली लागू करना, नियमित कर्मचारियों को 55-58% महंगाई भत्ता, 50 प्रतिशत लोड फैक्टर कटौती समाप्त करना, यात्री कर का समानीकरण, अवैध वाहन संचालन पर पूर्ण रोक, दीपावली बोनस का भुगतान, छठे-सातवें वेतनमान का बकाया एरियर और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा।

संगठन ने दी चेतवानी

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि यह धरना उनकी एकता और हक की लड़ाई का प्रतीक है।