प्रयागराज में नगर निगम के निर्माणाधीन जोनल कार्यालय का पोर्च गिरा, मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत
प्रयागराज के खुल्दाबाद में नगर निगम के निर्माणाधीन जोनल कार्यालय के दो मंजिला भवन का पोर्च अचानक गिरने से एक ...और पढ़ें

प्रयागराज के खुल्दाबाद में नगर निगम का निर्माणाधीन जोनल कार्यालय का गिरा हिस्सा। जागरण
HighLights
खसरा की नकल लेने पहुंचे थे खुर्शीद, चंद सेकेंड में सिर पर आ गिरा पोर्च का हिस्सा
निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल, निगम के अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के लकड़ी मंडी खुल्दाबाद स्थित जोनल कार्यालय में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन दो मंजिला भवन का पोर्च अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से करेली स्थित जेके आशियाना निवासी 55 वर्षीय मोहम्मद खुर्शीद गंभीर रूप से घायल हो गए। कर्मचारी और आसपास के लोग उन्हें तत्काल कॉल्विन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत बताया। हादसे ने निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे के दौरान लोगों की भीड़ थी
खुल्दाबाद जोनल कार्यालय में रोज बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं। गनीमत रही कि हादसा सुबह के समय हुआ, जब कार्यालय में अपेक्षाकृत कम भीड़ थी। दुर्घटना के दौरान पास के जोनल अधिकारी के कक्ष में रखा लैपटाप,मेज और चेयर भी क्षतिग्रस्त हो गया। कक्ष में खून फैल गया और कुछ देर के लिए कार्यालय में कामकाज ठप हो गया। काम करने वाले कर्मचारी मौके से नदारद हो गए।
हादसे में बाल-बाल बचा कर्मचारी
कर्मचारियों के अनुसार, खुर्शीद सुबह करीब 11 बजे बाइक से खसरा की नकल लेने जोनल कार्यालय पहुंचे थे। वह करीब 10 मिनट तक लिपिक प्रवीण के पास खड़े रहे। इसी बीच प्रवीण बाथरूम चले गए उनके बाहर निकलने के चंद सेकेंड बाद ही निर्माणाधीन भवन के पोर्च का एक हिस्सा टूटकर नीचे सिमेंटेड चद्दर वाले कार्यालय पर जा गिरा। पोर्च का भारी हिस्सा खुर्शीद के सिर पर लगा और वह लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़े। कर्मचारी सौरभ समेत अन्य लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
नौ करोड़ से बन रहा भवन, निर्माण पर सवाल
पुराने कार्यालय के पास करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से नए जोनल कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। मेसर्स मोहम्मद अलीम को इसका ठेका दिया गया है। निर्माण कार्य चार मई से शुरू हुआ था और आठ सितंबर तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित थी। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार अभी करीब 70 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है।
...तो 24 घंटे में ही लिंटर की खोल दी थी शटरिंग
लोगों का आरोप है कि पोर्च का लिंटर ढालने के महज 24 घंटे बाद ही उसकी शटरिंग खोल दी गई थी। इसी को लेकर निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। जोनल अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि निर्माण के दौरान की गई लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
