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शास्त्री पुल की मरम्मत 15 अप्रैल के बाद होगी, दो माह तक चलेगा काम; प्रयागराज-वाराणसी लेन पर बंद रहेगा आवागमन

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Updated: Mon, 02 Mar 2026 08:00 PM (IST)

प्रयागराज के शास्त्री पुल की मरम्मत 15 अप्रैल के बाद शुरू होगी और लगभग दो महीने तक चलेगी। इस दौरान प्रयागराज से वाराणसी जाने वाले लेन पर आवागमन बंद रहेगा। लोक निर्माण विभाग ने यातायात विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया है।

प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर गंगा नदी पर स्थित शास्त्री पुल। जागरण आर्काइव

प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर गंगा नदी पर स्थित शास्त्री पुल। जागरण आर्काइव 

HighLights

  1. पुल की मरम्मतीकरण में खर्च होंगे लगभग 19 करोड़ रुपये

  2. लोनिवि ने यातायात विभाग को इस संबंध में पत्र लिखा है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शास्त्री पुल का मरम्मतीकरण 15 अप्रैल के बाद शुरू होगी। पुल की रिपेयरिंग में लगभग दो माह का समय लगेगा। इस दौरान एक लेन पर पूरी तरह से आवागमन बंद रहेगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से यातायात विभाग को इस संबंध में पत्र लिखा जा चुका है। पहले माघ मेला के बाद मरम्मतीकरण की बात कहीं जा रही थी लेकिन यूपी बोर्ड की परीक्षा के कारण अब अप्रैल में पुल की मरम्मत होगी।

प्रयागराज से वाराणसी जाने वाला रूट जर्जर हो चुका है

पुल की मरम्मत के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। ओवरलोड वाहनों के आवागमन से प्रयागराज से वाराणसी जाने वाला रूट जर्जर हो चुका है। इसके अलावा पुल की रेलिंग और बेयरिंग भी कमजोर हो गई है उसे भी बदला जाएगा। सबसे पहले सड़क को उखाड़कर नई बनाई जाएगी। सहायक अभियंता मोहित राठौर ने बताया कि पुल की रिपेयरिंग नए सिरे से की जाएगी। मरम्मतीकरण के बाद पुल में मजबूती आ जाएगी। 

एनएचएआइ ने 30 वर्ष तक की पुल का किया रखरखाव

शास्त्री पुल की देखरेख, मरम्मत और सुरक्षा की जिम्मेदारी तकरीबन 30 वर्ष तक एनएचएआइ ने ही निभाई। इस बीच पुल से गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स भी वसूला जाता रहा। 26 जुलाई 2010 को पुल की सुरक्षा व रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई थी। सहायक अभियंता ने बताया कि पुल के मेंटीनेंस पर विभाग की ओर से लगातार ध्यान दिया जाता है।

प्रयागराज से वाराणसी जाने का यही पुल मुख्य मार्ग है। ओवर लोड वाहनों के अधिक आवागमन से पुल पर जगह-जगह गड्ढा हो गया है। कई बेयरिंग भी कमजोर हो गई है। पुल की मरम्मत अप्रैल में कराई जाएगी। इसके लिए यातायात विभाग के पत्र लिखा जा चुका है।

- नवीन कुमार शर्मा,अधिशासी अभियंता,लोक निर्माण विभाग खंड-3

मड़ौका पुल के लिए मई में मिल सकती है मंजूरी

पुराने यमुना पुल के समकक्ष नैनी के मड़ौका से करैलाबग तक पुल बनाने की स्वीकृति शासन से मई में मिल सकती है। 800 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि से इस पुल का निर्माण किया जाएगा। सेतु निगम की ओर से पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन के पास मई 2025 में भेजा जा चुका है। मड़ौका में बनने वाले पुल से मीरजापुर, मध्य प्रदेश, चित्रकूट, सोनभद्र आदि क्षेत्र की राह भी आसान होगी। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्र ने बताया कि पुल की लंबाई 1100 मीटर होगी।