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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क की गिरफ्तारी पर रोक, संभल में हिंसा भड़काने का है आरोप

Updated: Fri, 03 Jan 2025 12:40 PM (IST)

Sambhal MP Ziaur Rahman Bark Sambhal Violence Update सपा सांसद को हाईकोर्ट ने राहत दी है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर संभल में हिंसा भड़काने का आरो ...और पढ़ें

संभल से सपा सांसद हैं जियाउर्रहमान बर्क।
संभल से सपा सांसद हैं जियाउर्रहमान बर्क।

HighLights

  1. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जांच में सहयोग की नसीहत के साथ गिरफ्तारी पर लगाई रोक
  2. जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के आरोप में दर्ज है केस

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के आरोपित समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआइआर रद करने से इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इन्कार कर दिया है। यद्यपि कोर्ट ने पुलिस की जांच में सहयोग की नसीहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने कहा कि सभी अपराध सात साल तक की सजा के लिए दंडनीय हैं, इसलिए यदि याची की गिरफ्तारी की जाती है तो बीएनएसएस की धारा 35 में निहित विशिष्ट प्रावधान और अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का पालन किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता तथा न्यायमूर्ति अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने दिया है।

कोर्ट ने अन्य एफआइआर को समेकित कर एक साथ सुनवाई करने की मांग भी अस्वीकार कर दी है। कोर्ट ने कहा, एफआइआर के अवलोकन से प्रथम दृष्टया याची के विरुद्ध संज्ञेय अपराध का पता चलता है इसलिए एफआइआर रद करने की प्रार्थना राज्य बनाम हबीब अब्दुल्ला जलाली के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार स्वीकार नहीं की जा सकती। इसमें कोई हस्तक्षेप आवश्यक नहीं है।

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संभल के सांसद बर्क ने याचिका दाखिल कर लोगों को भड़काने वाली एफआइआर रद किए जाने की मांग की थी। यह भी कहा था कि याचिका पर निर्णय तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, शासकीय अधिवक्ता एके सण्ड तथा सांसद के लिए अधिवक्ता इमरान उल्लाह व सैयद इकबाल ने पक्ष रखा। याची ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि सियासी बदले की भावना की वजह से उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज किए गए हैं।

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याची ने खुद को बताया बेगुनाह

याची ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा था कि सियासी बदले की भावना की वजह से उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज किये गये है। सांसद बर्क के खिलाफ हिंसा के लिए लोगों को उकसाने के आरोप में नामजद एफआईआर दर्ज है।

बता दें कि संभल में नखासा थाना पुलिस ने हिंसा के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने के वाले उपद्रवी को ठंडी कोठी से गिरफ्तार किया है। वह हिंसा के बाद से दिल्ली भाग गया था और अपने साथी के बाटला हाउस से गिरफ्तार होने के बाद से अपनी गिरफ्तारी के डर से संभल न्यायालय में पेश होने आया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक तमंचा भी बरामद किया है।