प्रयागराज शहरवासियों के लिए अच्छी खबर, भवन संपत्तियों की दूर होंगी विसंगतियां, अपडेट होगा खसरा
प्रयागराज नगर निगम भवन संपत्तियों का खसरा अपडेट करने की तैयारी में है, जिससे राजस्व में वृद्धि होगी और गृहकर की विसंगतियां दूर होंगी। यह प्रक्रिया तीन ...और पढ़ें

प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।
HighLights
वर्ष 2014 में व्यावसायिक भवनों पर लगभग 50 प्रतिशत गृहकर बढ़ाया गया था
तीन से चार माह में खसरा अपडेट करने की प्रक्रिया नगर निगम शुरू करेगा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नगर निगम की ओर से भवन संपत्तियों का खसरा अपडेट कराने का विचार किया जा रहा है। खसरा अपडेट होने से नगर निगम के राजस्व में तो वृद्धि होगी ही गृहकर की विसंगतियों को दूर करने में भी सहूलियत मिल जाएगा। भवन संपत्ति का खसरा अपडेट न होने से नगर निगम को प्रति वर्ष करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। सब कुछ सही रहा तो तीन से चार माह में खसरा अपडेट करने की प्रक्रिया नगर निगम की ओर से शुरू कर दी जाएगी।
खसरा अपडेट न होने से न होने से दो दशक से मृतकों का नाम आज भी दर्ज है। नियम के अनुसार पांच वर्ष में भवन संपत्तियों का खसरा अपडेट किया जाना चाहिए। लेकिन नगर निगम की ओर से 2003 के बाद से खसरा को अपडेट नहीं किया गया। जबकि महंगाई और सुविधाओं को देखते हुए निगम की ओर से 2011 में आवासीय भवन पर लगभग 30 प्रतिशत गृहकर बढ़ाया गया।
नंबर गेम
100 वार्ड प्रयागराज शहर में
4.12 लाख के आस-पास भवन संपत्तियां
160 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य
12 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है।
वर्ष 2014 में व्यावसायिक भवनों पर लगभग 50 प्रतिशत गृहकर बढ़ाया गया था। पार्षद आनंद घिल्डियाल का कहना है कि जब गृहकर बढ़ाया गया है तो खसरा में भी बढ़ा हुआ गृहकर दर्ज होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। नगर निगम के मुख्यकर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई का कहना है कि नगर आयुक्त से खसरा अपडेट किए जाने को लेकर जल्द वार्ता की जाएगी। उनके निर्देश के अनुसार इस पर तेजी से कार्य किया जाएगा।