उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा प्रयागराज, 43.2 डिग्री तक पहुंचा पारा
प्रयागराज में जून का आखिरी सप्ताह भीषण गर्मी लेकर आया, जहां शनिवार को तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक था। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
प्रयागराज में 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान, यूपी में सर्वाधिक।
28 जून से हल्की बारिश, 30 जून से सक्रिय मानसून की संभावना।
तापमान में गिरावट से मिलेगी भीषण गर्मी से राहत।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जून का आखिरी सप्ताह प्रयागराज के लोगों के लिए भीषण गर्मी की अग्निपरीक्षा बन गया है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने सुबह से लेकर शाम तक लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। लोग पानी की बोतल साथ लेकर निकलते दिखाई दिए। प्रदेश में बांदा 43 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
गर्मी का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं रहा। सुबह के समय हवा में 69 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज होने से उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। शाम तक आर्द्रता घटकर 42 प्रतिशत रह गई, लेकिन तेज तपिश के कारण राहत महसूस नहीं हुई। हालांकि इस भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जगाई है।
शहर के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं
पूर्वानुमान के अनुसार अब मानसून की आहट तेज हो गई है और अगले छह दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदल सकता है। 28 और 29 जून को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके बाद 30 जून से लेकर दो जुलाई तक मौसम और अधिक सक्रिय होने के संकेत हैं। इस दौरान सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और शहर के कई इलाकों में बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम के बदलते संकेत तापमान के अनुमान में भी साफ दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों में घटकर लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री से घटकर करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यानी दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
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मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर मानसून के धीरे-धीरे सक्रिय होने का संकेत है। शुरुआती दौर में बारिश रुक-रुककर हो सकती है, लेकिन इससे वातावरण में नमी बढ़ेगी, धूल कम होगी और लू जैसी गर्म हवाओं का असर कमजोर पड़ेगा।
यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो अगले कुछ दिनों में तपते शहर पर बारिश की फुहारें राहत की सौगात बनकर बरस सकती हैं।