प्रयागराज में कक्षा आठ के छात्र से 4.47 लाख की ठगी, लकी ड्रॉ में निकलने का दिया था झांसा
प्रयागराज में कक्षा आठ के छात्र से लकी ड्रा के नाम पर 4.47 लाख रुपये की ठगी हुई। ठगों ने आईफोन, लैपटॉप और 15 लाख रुपये जीतने का झांसा दिया, पुलिस जांच ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
कक्षा आठ के छात्र से 4.47 लाख की साइबर ठगी।
लकी ड्रा में आईफोन, लैपटॉप, 15 लाख का लालच दिया।
घूरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। घूरपुर क्षेत्र के बसवार गांव निवासी शिवलोचन का कक्षा आठ मे पढ़ने वाले बेटे आनंद के साथ साइबर अपराधियों ने लकी ड्रॉ टोकन निकलने के नाम पर करीब 4.47 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने उसे एक फर्जी कंपनी में लकी ड्रॉ के माध्यम से आइफोन, लैपटाप व नकद 15 लाख रुपये निकलने का झांसा दिया।
17 जुलाई को आनंद के मोबाइल पर इंस्ट्राग्राम के जरिए एक फर्जी कंपनी के माध्यम से एक फोन आया। उसमें लकी ड्रॉ के माध्यम से आइफोन निकलने की बात कही गई। साथ ही दिए हुए क्यूआर कोड में दो हजार रुपये भेजने को कहा गया। उत्सुकतावश छात्र ने दिए हुए क्यूआर कोड में दो हजार रुपये सहज जन सेवा केंद्र के माध्यम से भिजवा दिया।
इसके बाद जालसाज ने अलग-अलग लालच देकर आइफोन, लैपटाप और लकी ड्रॉ में 15 लाख रुपये नगद निकलने का लालच देकर छात्र से 17 से 21 जुलाई यानी चार दिन में करीब 4.47 लाख रुपये अपने दिए हुए क्यूआर कोड में मंगवाए।
जब आनंद को फर्जी कंपनी की तरफ से लकी ड्रॉ टोकन के माध्यम से आइफोन, लैपटाप और लकी ड्रॉ में जीते हुए नकद 15 लाख रुपये नहीं मिले तो परेशान होकर उसने पूरी बात पिता से बताई। यह सुनकर शिवलोचन और परिवार के लोग दंग रह गए।
खबरें और भी
घूरपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी घूरपुर अतुल मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच साइबर सेल के साथ मिलकर की जा रही है। जल्द ही आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गाड़ी बेचने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी
सोरांव: क्षेत्र में व्यावसायिक वाहन बेचने के नाम पर ठगी और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
तुलसीपुर निवासी अब्दुल रऊफ पुत्र स्व. अब्दुल अजीज ने बताया उनके पास टाटा ट्रेलर गाड़ी थी। गाड़ी बेचने की बात चलने पर सोफियाना रदौली रायबरेली निवासी मो. रियाज पुत्र आशिक अली ने उनसे संपर्क किया और 13 लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
आरोप है कि रियाज ने अपने नाम पर लोन न होने का बहाना बनाकर पीड़ित से खुद के नाम लोन कराने को कहा और 23 अक्टूबर को स्टाम्प पर लिखापढ़ी कर गाड़ी ले गया। इसके बाद पीड़ित द्वारा बार-बार बकाया पैसा मांगने पर आरोपति बहाने बनाता रहा।
आरोप है कि लगभग 8 महीनों तक गाड़ी का इस्तेमाल कर करीब 12 लाख रुपये कमाने के बाद, 12 जुलाई को आरोपी ने टायर व अन्य सामान बदलकर गाड़ी को जर्जर अवस्था में बिना कागजात के लौटा दिया।