काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस की 101 वीं वर्षगांठ : प्रयागराज के SRN अस्पताल का नाम शहीद रोशन सिंह करने की उठी मांग
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल परिसर में शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर अस्पताल का नामकरण करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। काकोरी ट्रेन ए ...और पढ़ें

एसआरएन अस्पताल स्थित शहादत स्थल पर शहीद रोशन सिंह को श्रद्धांजलि देते लोग।
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एसआरएन अस्पताल स्थित शहादत स्थल पर मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना
शहादत स्थल पर जुटे लोगों ने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को किया नमन,दी श्रद्धांजलि
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। देश आज काकोरी केस के महानायकों की याद में काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस मना रहा है । शताब्दी समारोह आयोजित हो रहे हैं । काकोरी केस के महानायक अमर शहीद ठाकुर रोशन की शहादत स्थल पर भी शहीदों को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल परिसर में अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को राष्ट्रीय गौरव दिलाने और उनके नाम पर एसआरएन अस्पताल का नामकरण करने मांग को लेकर एसआरएन अस्पताल परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना में लोग शामिल हुए। अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वर्ष 2026 ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी का वर्ष है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर काकोरी केस के महानायक ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल और उनकी विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए था। आरोप लगाया कि सरकारों की उपेक्षा के कारण उनके बलिदान से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान धीरे-धीरे धूमिल हो रही है।
धरने को संबोधित करते हुए महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान प्रयागराज की मलाका जेल में हुआ था। उस दौर में मलाका जेल संयुक्त प्रांत की कुख्यात जेलों में गिनी जाती थी।आज इसी ऐतिहासिक बलिदान स्थल पर स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय स्थापित है, लेकिन इस स्थान से जुड़ी क्रांतिकारी विरासत की पहचान लगातार धूमिल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपेक्षा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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डॉ. राना ने कहा कि महुआ डाबर संग्रहालय की स्पष्ट मांग है कि एसआरएन अस्पताल का नाम तत्काल अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की आजादी का मार्ग प्रशस्त किया, आज उनकी स्मृतियों और विरासत को सम्मान दिलाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
धरने को संबोधित करते हुए इंद्रजीत मौर्य ने कहा कि जिस पवित्र माटी पर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह ने देश के लिए अपना रक्त बहाया, उसी स्थान को उनका नाम और सम्मान मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन सरकारों ने उसी समय इस स्थल का नाम शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर कर दिया होता तो आज लोगों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह पूरे देश के महानायक हैं। उनके सम्मान के लिए देशभर के लोगों को आवाज उठानी चाहिए और यह प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।
धरने में पंकज बनर्जी, डॉ. सर्वेश सिंह, एमके चौरसिया, डॉ. अवनीश सिंह, शुभम दुबे, दीपक सिंह पटेल, शिवांग त्रिपाठी, सत्येंद्र सिंह, शशांक पांडे, अनमोल बरनवाल, विकास पासवान, सम्राट राय, राजन तिवारी, रवि यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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